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Pithoragarh News: हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा

Mon, 24 Jul 2023 10:39 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़। जिला सत्र न्यायाधीश ने हत्या के एक मामले में दोषी को आजीवन कारावास और 35 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। हत्यारोपी घटना के कुछ समय बाद न्यायिक अभिरक्षा से फरार हो गया था और एक माह पूर्व ही पकड़ में आया था।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार 17 अप्रैल 1998 को डीडीहाट के आदिचौरा के हुनेरा गांव निवासी तारा सिंह गांव के ही मोहन सिंह के साथ शिकार खेलने जंगल गया था। इसके बाद वह गांव नहीं लौटा। घटना के कुछ दिन बाद पूछताछ में मोहन सिंह ने एक ग्रामीण को बताया कि शिकार के दौरान उसकी बंदूक से चली गोली से तारा सिंह की मौत हो गई थी। वह शव को कालामुनि के जंगल में फेंककर घर आ गया। मृतक तारा सिंह के परिजनों की ओर से इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
मोहन सिंह की निशानदेही पर कालामुनि के जंगल से तारा सिंह का सड़ा-गला शव बरामद हुआ जबकि उसके कपड़े एक गुफा में मिले। इस घटना के कुछ समय बाद आरोपी न्यायिक हिरासत से फरार हो गया था। पहचान छिपाकर रह रहा आरोपी लगभग एक माह पूर्व ही पकड़ा गया था। इस मामले में जिला सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने सुनवाई की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला सत्र न्यायाधीश ने दोष सिद्ध करते हुए मोहन सिंह को आईपीसी की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर पांच वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
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धारा 201 के तहत सात वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा धारा पांच सपठित धारा 27 (1) आयुध अधिनियम के अपराध के लिए सात वर्ष के कारावास और पांच हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। राज्य सरकार की ओर से मामले की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रमोद पंत और एडीजीसी प्रेम भंडारी ने की।
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