पिथौरागढ़। अब चिकित्सकों की टीम गांवों में जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी। डीएम आनंद स्वरूप ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांवों में जाकर बीमार और कोविड लक्षण वाले व्यक्तियों की रैपिड टेस्टिंग होगी। कोरोना संक्रमित व्यक्तियों को होम आइसोलेट कर उन्हें दवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम आनंद स्वरूप ने सोमवार को कोविड नियंत्रण के लिए जिले में तैनात सभी नोडल अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले में कोरोना संक्रमण के प्रसार को पूर्ण रूप से रोकने का समय आ गया है। हम सभी को युद्धस्तर पर कार्य करना होगा। सभी को अपनी जिम्मेदारी समझकर कार्य करना होगा।
प्रत्येक विकासखंड स्तर पर पांच-पांच टीम गठित होगी। अब गांवों में जाकर चिकित्सक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे और जरूरतमंद लोगों को दवा उपलब्ध कराएंगे। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवा का स्टॉक भी रखने को कहा। इस कार्य की प्रत्येक एसडीएम प्रतिनिधि समीक्षा कर रिपोर्ट प्रतिदिन जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराएंगे।
डीएम ने कहा कि गांव में जांच के दौरान जो कोरोना संक्रमित व्यक्ति गंभीर मिलेगा उसे तत्काल एंबुलेंस से जिला चिकित्सालय भेजा जाएगा। डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोरोना संक्रमण की भयावहता की स्थिति को देखते हुए सभी को युद्धस्तर पर कार्य करना होगा। बैठक में सीडीओ अनुराधा पाल, एडीएम आरडी पालीवाल, प्रशिक्षु आईएएस दिवेश सासनी आदि रहे।
दवाओं पर निगरानी के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में गठित करें निगरानी समिति
पिथौरागढ़। डीएम आनंद स्वरूप ने कहा कि गांवों में दवा वितरण कार्य की भी लगातार निगरानी की जाए। सभी एसडीएम ग्राम निगरानी समिति से तालमेल बनाकर गांव के बारे में लगातार जानकारी रखें।
जिस प्रकार से भारतीय सेना बेड़ीनाग और धारचूला में कोविड चिकित्सालय बना रही है, उसी प्रकार डीडीहाट में अलग से कोविड चिकित्सालय बनाने के लिए वहां के एसडीएम डीडीहाट वहां तैनात आईटीबीपी और एसएसबी से तालमेल कर उनके संसाधनों से कोविड चिकित्सालय स्थापित करें।
ऑक्सीजन सिलिंडरों का रखें स्टॉक
पिथौरागढ़। डीएम आनंद स्वरूप ने नोडल अधिकारी को ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए जिले के चिकित्सालयों में भर्ती मरीजों के लिए ऑक्सीजन की कमी न हो। इसके लिए दो दिन का ऑक्सीजन सिलिंडर स्टॉक रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नोडल ट्रैसिंग को निर्देश दिए कि हर संक्रमित से तत्काल जानकारी लेकर उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उनकी जांच भी करवाएं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम डांडा-ककनई रवाना
टनकपुर (चंपावत)। कोरोना की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम सोमवार को तहसील के दुर्गम डांडा-ककनई को रवाना हो गई है। ग्रामीणों की कोरोना जांच और दवाई बांटकर टीम मंगलवार को लौटेगी।
सीएमएस डॉ. एचएस ह्यांकी ने बताया कि डांडा-ककनई में कई लोगों के सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित होने की सूचना मिली है। इस आधार पर फार्मासिस्ट विनीत राणा के नेतृत्व में कोरोना जांच किट और दवाइयां लेकर टीम गांव भेजी गई है, जो मंगलवार को लौटेगी।
डांडा-ककनई तहसील का दुर्गम इलाका है जहां इन दिनों न तो डॉक्टर है और न ही दवा की व्यवस्था। टीम को गांव भेजने पर डांडा के ग्राम प्रधान भगवान सिंह, बीडीसी सदस्य अनीता महरा, समाजसेवी पवन महरा, पुष्कर सिंह आदि ने आभार जताया है।