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रामगंगा के किनारे पहुंचे प्रवासी जलकाग

Sat, 06 Jan 2018 10:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, थल
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रामगंगा से मछली मारने को तैयार जलकाग - फोटो : अमर उजाला
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प्रवासी पक्षी महान जलकाग इस बार भी यहां पहुंच गए हैं। इस पक्षी का अंग्रेजी नाम ग्रेट कारमोरेंट है। 1980 में पहली बार इन पक्षियों ने यहां दस्तक दी थी। तब से हर साल जाड़ों में यह पक्षी यहां आते हैं। रामगंगा से मछली मारने के लिए जलकाग करीब एक मिनट तक पानी के अंदर रह सकता है। वह नदी की ऊपरी सतह पर भी तेजी से तैर लेते हैं। दिखने में बेहद सुंदर यह पक्षी अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक यहां रहेंगे।

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बताया गया कि 1980 में पहली बार दो जलकाग रामगंगा के किनारे नजर आए थे। उसके अगले साल से इनकी संख्या बढ़ती गई। इस बार करीब 100 पक्षी नदी के किनारे अलग-अलग स्थानों पर नजर आ रहे हैं। पक्षियों के बारे में जानकारी रखने वालों का कहना है कि जलकाग मुख्य रूप से तिब्बत के पठार में दिखाई देता है। जाड़ों में यह हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर यहां पहुंचते हैं।

लोगों ने बताया कि 1980 में सिर्फ दो पक्षी यहां आए थे, उनमें से एक पक्षी को किसी ने मार दिया था। इन प्रवासी पक्षियों के संरक्षण के लिए वन विभाग कभी कोई कदम नहीं उठाता। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पक्षी की सुरक्षा के कदम उठाए जाएं और इनके सहारे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाया जाए। इन दिनों लोग रामगंगा में जलकाग की गतिविधियों का आनंद उठा रहे हैं। 

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