पिथौरागढ़। जिले में काश्तकार ठंडे पानी की ट्राउट मछली का उत्पादन कर लाभ कमा रहे हैं। करीब 100 काश्तकारों ने मत्स्य विभाग की प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना से जुड़कर 10 टन ट्राउट मछली का उत्पादन किया। इससे उन्होंने 30 लाख रुपये धन अर्जित किया।
मत्स्य विभाग के अनुसार यह मछली कम लागत और अधिक उत्पादन की है। इस योजना का उद्देश्य मछली पालन के छोटे और सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देना है, ताकि काश्तकार स्वयं का रोजगार स्थापित कर अन्य को रोजगार दे सकें। शासन की ओर से इस योजना के लिए 23 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं।
विभाग ने एमओयू के तहत आईटीबीपी से धारचूला, मुनस्यारी, डीडीहाट, कनालीछीना ब्लॉक में लगभग 3.5 टन 300 ग्राम की ट्राउट मछली काश्तकारों को सप्लाई की। एक वर्ष की ट्राउट मछली 600 से 700 ग्राम की हो जाती है।
800 किलो रुपये किलो बिक रही है ट्राउट मछली
स्थानीय बाजार में ट्राउट मछली 700 से 800 रुपये किलो के दाम पर बेची जा रही है। इससे काश्तकारों को अच्छा मुनाफा हो रहा है। मत्स्य विभाग के अनुबंध के बाद से आईटीबीपी मछली 450 रुपये किलो के थोक रेट में क्रय कर रही है।
विटामिन डी और बी से भरपूर
ट्राउट मछली दिल, दिमाग, त्वचा, नेत्र के लिए काफी फायदेमंद रहती है। इस मछली में विटामिन डी और बी, ओमेगा सहित कैल्शियम, आयरन पाया जाता है।
कोट-
नए सत्र में प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना में 100 काश्तकारों को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इससे किसान स्वयं का रोजगार कर सकते हैं। - रमेश चलाल, जिला मत्स्य अधिकारी, पिथौरागढ़।