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दशौली गांव के मयंक ने सिविल सेवा परीक्षा में प्राप्त किया 132वां स्थान

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मयंक पाठक 132वीं रैंक। - फोटो : PITHORAGARH
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बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। दशौली के कफलेत निवासी मयंक पाठक ने सिविल सेवा परीक्षा में 132वां स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। मयंक की सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
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ग्राम कफलेत, दशौली निवासी डॉ. हरीश चंद्र पाठक के पुत्र मयंक पाठक की इंटरमीडिएट तक की शिक्षा वाराणसी में हुई। बारहवीं पास करने के बाद आईआईटी कानपुर से बीटेक की डिग्री हासिल की। बचपन से ही मेधावी रहे मयंक ने पहली से 12वीं कक्षा तक हमेशा पहला स्थान पाया। मयंक पढ़ाई के अतिरिक्त खेलकूद, भाषण, काव्य रचना में भी निपुण हैं। मयंक के ताऊ डॉ. तारा दत्त पाठक भी अवकाश प्राप्त आईएएस अधिकारी हैं। मयंक के पिता डॉ. हरीश काशी हिंदू विश्वविद्यालय में गणित के वरिष्ठ प्रोफेसर और माता अध्यापिका हैं। मयंक के चाचा डॉ. भुवन चंद्र पाठक वर्तमान में कैंपस स्कूल पंतनगर में प्रधानाचार्य पद पर कार्यरत हैं। उनकी इस उपलब्धि से गांव में खुशी का माहौल है।
यूपीएससी में झूलाघाट की गीतिका ने हासिल की 239वीं रैंक
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। यूपीएससी की परीक्षा में पिथौरागढ़ जिले की सीमांत झूलाघाट की गीतिका ने 239वीं रैंक हासिल की है। गीतिका अपने परिवार के साथ देहरादून में रहतीं हैं।
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झूलाघाट निवासी गीतिका के पिता प्रवीन प्रकाश व्यवसायी हैं जबकि माता मीरा पाल आबकारी विभाग देहरादून में अधिकारी हैं। गीतिका ने एनआईटी कुरुक्षेत्र से बीटेक करने के बाद यूपीएससी की तैयारी की। उन्होंने और उनकी बढ़ी बहन प्रमिला ने एक साथ परीक्षा दी थी, जिसमें गीतिका पहले ही प्रयास में पास हो गईं। गीतिका ने बताया कि वह अपनी बढ़ी बहन के साथ ही यूपीएससी की तैयारी कर रहीं थीं। गीतिका की छोटी बहन डीयू से पढ़ाई कर रही हैं। गीतिका की सफलता से माता-पिता और बहनें काफी खुश हैं। इधर झूलाघाट में रहने वाले परिजन और रिश्तेदार भी गीतिका की सफलता से खुश हैं। क्षेत्रवासियों ने गीतिका को शुभकामनाएं दी हैं।

गीतिका, यूपीएससी 239 रैंक।- फोटो : PITHORAGARH

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