चौदांस और दारमा घाटी में बृहस्पतिवार शाम तेज अंधड़ से कई घरों की छत उड़ गई। जंगलों में खड़े पेड़ टूटकर गिर गए। घटना से पूरे इलाके में लोग दहशत में हैं। अंधड़ से लोनिवि के यात्री विश्राम शेड को भी नुकसान पहुंचा है। एक मकान में आईटीबीपी का ट्रांजिट कैंप था। उस मकान की छत को भी तेज हवा उड़ा ले गई। अलबत्ता जवानों को चोट नहीं आई।
तहसील मुख्यालय में पहुंची सूचना के अनुसार चौदांस के गाला गांव निवासी शेर सिंह पुत्र गौर सिंह और जिप्ती निवासी जमन सिंह पुत्र पद्म सिंह के मकान की छत पूरी तरह नष्ट हो गई। इन दोनों परिवारों ने दूसरे के घर में शरण ले रखी है। दारमा घाटी के दर गांव में भी आंधी तूफान का कहर जारी रहा, जिसके चलते दर निवासी लाल सिंह दरियाल की घर की छत उड़ गई। इस घर में भारत तिब्बत सीमा पुलिस का ट्रांजिट कैंप था। घटना के समय कैंप में आईटीबीपी के पांच जवान रुके थे। वह सुरक्षित हैं। दर गांव में अन्य जगह भी तेज हवाओं के कारण काफी नुकसान हुआ है।
लोक निर्माण विभाग का यात्री विश्राम शेड भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। दर से आए पीड़ित लाल सिंह दरियाल ने बताया कि तेज हवाओं के कारण गांव से बाहर आना मुश्किल हो गया था। शुक्रवार को जब हवाओं का प्रकोप कम हुआ तो धारचूला आकर प्रशासन को जानकारी दी। तहसीलदार आईबी मल्ल ने कहा कि राजस्व टीम को क्षति का आकलन करने भेजा जा रहा है। भाजपा नेता महेंद्र बुदियाल ने एसडीएम से मुलाकात कर प्रभावितों को तत्काल राहत देने की मांग की है।