धारचूला (पिथौरागढ़)। चीनी ट्रेड अधिकारी ने व्यापार के लिए तिब्बत जा रहे नेपाल के रं समाज के व्यापारियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। चीन में प्रवेश से रोक लगाने पर नेपाली व्यापारी लिपुपास बाॅर्डर के निकट स्थित अपने मूल गांवों में रुके हैं।
कैलाश यात्रा के दौरान भारत-चीन व्यापार की तरह ही नेपाल-चीन व्यापार भी होता था। वर्ष 2020 से भारत-चीन व्यापार कोरोना और दोनों देशों के बीच संबंधों में आई खटास के कारण बंद है जबकि नेपाल के साथ चीन का व्यापार जारी है। नेपाल के माइग्रेशन वाले गांव छांगरू और तिंकर में रहने वाले रं समाज के व्यापारी हर साल सामान के साथ चीन की तकलाकोट मंडी जाते हैं। इसके लिए वे धारचूला से गर्ब्यांग तक भारतीय क्षेत्र से होते हुए सीतापुल से नेपाल में प्रवेश करते हैं। यहां से लिपुपास बॉर्डर से चीन में प्रवेश करते हैं।
इस वर्ष भी नेपाल सरकार से ट्रेड पास जारी होने के बाद छांगरू के 15 और तिंकर गांव के 10 व्यापारी गुड़, चीनी, चांदी के बर्तन, सौंदर्य प्रसाधन सहित अन्य सामान के साथ व्यापार के लिए चीन जाने के लिए निकले थे। बताया जा रहा है कि लिपुपास बाॅर्डर पर सभी व्यापारियों को चीन के ट्रेड अधिकारी ने रोक दिया है। व्यापारियों को अग्रिम आदेश के बाद ही चीन में प्रवेश की अनुमति की बात कही जा रही है। बाॅर्डर पर रोक दिए जाने से व्यापारी दीपक बोहरा, जीवन सिंह, करन सिंह, प्रदीप सिंह सहित अन्य व्यापारी काफी चिंतित हैं।