डीडीहाट (पिथौरागढ़)। सीएचसी डीडीहाट में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग के लिए 98 दिनों से धरना दे रहे लोगों को तगड़ा झटका लगा है। सरकार ने अस्पताल को सीएचसी से पीएचसी के दर्जे का बना दिया है। इससे लोगों में काफी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि इसके परिणाम सरकार को भुगतने पड़ेंगे।
वर्ष 2002 में कांग्रेस की सरकार ने डीडीहाट पीएचसी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बदलकर एफआरयू का दर्जा देकर डीडीहाट स्वास्थ्य केंद्र में जिला अस्पताल के बराबर डाॅक्टर के पदों को सृजित किया था। सृजित पदों के सापेक्ष डीडीहाट अस्पताल में समय-समय पर विशेषज्ञ डाक्टर की नियुक्ति होती रहती थी।
वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग ने डीडीहाट अस्पताल को एक बार फिर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाकर इस अस्पताल में सृजित विशेषज्ञ डाक्टर के पदों को ही समाप्त कर दिया है। सीएचसी के पीएचसी बनते ही डीडीहाट को वर्ष 2002 में मिला एफआरयू (फर्स्ट रिफरर यूनिट) का दर्जा भी समाप्त हो गया है। अब डीडीहाट अस्पताल वर्ष 1990 के दशक में बने पीएचसी जैसा ही हो गया है।
कांग्रेस के प्रदेश सचिव राजेंद्र बोरा ने कहा कि कांग्रेस ने पहाड़ों के अस्पतालों को बेहतरीन बनाने के लिए पीएचसी अस्पतालों को सीएचसी में अपग्रेड करने का काम किया था। भाजपा ने डीडीहाट के सीएचसी को फिर से वर्ष 1990 जैसा अस्पताल बना दिया है। डीडीहाट अस्पताल का भवन अब सफेद हाथी साबित हो रहा है। यहां पर लोग मामूली से उपचार के लिए आते हैं और रेफर होकर हायर सेंटर चले जाते हैं। इसके बाद भी सरकार को डीडीहाट के लोगों का दर्द नहीं दिख रहा।
कोट
डीडीहाट अस्पताल को किन मानकों के तहत फिर से पीएचसी बना दिया गया है। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव से वार्ता की जाएगी। - बिशन सिंह चुफाल, विधायक, डीडीहाट।