बस्तड़ी के लोगों की कानूनी लड़ाई को डीडीहाट के वकील मुफ्त में लड़ेंगे। यही नहीं उनको जिस तरह की जरूरत होगी, वह भी पूरी की जाएगी। अधिवक्ता संस्था से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि बस्तड़ी के लोगों को अब बीमा क्लेम, मृत्यु प्रमाणपत्र, जमीन के कागजात तैयार करने में कानूनी पहलुओं की मदद की जरूरत होगी। बस्तड़ी के लोगों को चारों तरफ से मदद मिल रही है। इसी से उनका साहस भी बढ़ा है। वकील भी अपनी ओर से पूरी मदद के लिए तैयार हैं। वकीलों ने कहा कि आपदा के बाद ऐसी स्थिति कम देखने में आती है, जब पीड़ित खुद अपने पांवों पर खड़े होने का प्रयास करते हैं।
कागजात तैयार करने में करेंगे मदद
अधिवक्ता संस्था के उपाध्यक्ष दान सिंह खड़ायत का कहना है कि बस्तड़ी के लोगों को अब कानूनी मदद की जरूरत पड़ेगी। कई लोग ऐसे होंगे, जिनके कागजात नए सिरे से बनाने होंगे। उनको बनाने में उनकी संस्था पूरी सहायता करेगी। उन्होंने बताया कि कई बच्चों के प्रमाणपत्र, सर्टिफिकेट मलबे में दब गए हैं। उनको फिर से बनाना पड़ेगा, इसमें उनकी मदद की जाएगी।
हम बस्तड़ी के लोगों के साथ
अधिवक्ता संस्था के सचिव डिगर सिंह बोरा का कहना है कि बस्तड़ी के लोगों को सहारा देने में अमर उजाला फाउंडेशन ने बेहतरीन पहल की है। उन्होंने कहा कि बस्तड़ी जल्द बसेगा और पूरी दुनिया को संदेश देगा कि आपदाओं से कैसे निपटा जाता है। यह गांव के लोगों की इच्छाशक्ति से ही सफल हो रहा है। वकील बस्तड़ी के लोगों के साथ हैं।
किसी भी दिक्कत में तत्काल संपर्क करें
वरिष्ठ अधिवक्ता टीपी पंत का कहना है कि यदि बस्तड़ी के लोगों को जमीन के कागजात तैयार करने में, क्लेम प्राप्त करने में किसी प्रकार की दिक्कत आती है तो वह तत्काल संपर्क करें। लोगों की पूरी मदद की जाएगी। नया बस्तड़ी बसाने में सहयोग दिया जाएगा। वह कहते हैं कि कुछ कागजातों को बनाने में अनिवार्य रूप से वकीलों की मदद लेनी होती है।
संकल्प शक्ति के साथ दिया जवाब
अधिवक्ता संस्था के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान का कहना है कि बस्तड़ी की आपदा ने जिस तरह लोगों को हिलाया था, उसका जवाब लोगों ने अपनी मजबूत संकल्प शक्ति के साथ दे दिया। वह कहते हैं कि बस्तड़ी के लोग किसी भी समय कानूनी मदद के लिए अधिवक्ता संस्था से संपर्क कर सकते हैं। उनकी सहायता की जाएगी।