जिला मुख्यालय से 91 किमी दूर जौलजीबी-मदकोट रोड पर स्थित बंगापानी में पहाड़ी से गिरे बोल्डरों की चपेट में आने से दुकान में मौजूद दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। दुकानदार ने दीवार से चिपककर जान बचाई।
रविवार दोपहर करीब दो बजे बारिश के बीच बंगापानी कस्बे की पहाड़ी से 5-6 बड़े-बड़े बोल्डर गिरे। इनमें से चार बोल्डर पुष्कर सिंह की दुकान के अंदर घुस गए। पुष्कर ने किसी तरह से दीवार से चिपककर अपनी जान बचाई, लेकिन दुकान में मौजूद जाल्थीगांव (मुवानीदवानी) निवासी प्रह्लाद सिंह (32) पुत्र दान सिंह, उसके चाचा नारायण सिंह (50) पुत्र पदम सिंह बोल्डरों की चपेट में आ गए। हादसे की जानकारी मिलते ही क्षेत्र पंचायत सदस्य नरेंद्र महर, भगत सिंह महरा, नंदन सिंह, रमेश सिंह धामी, हुकम सिंह, बृजेश धर्मशक्तू समेत आसपास के व्यापारी और गांवों के लोग मौके पर जमा हो गए। दोनों लोगों को बोल्डरों के नीचे से निकाला। तब तक दोनों की जान जान चुकी थी। बोल्डर 500 मीटर ऊपर पहाड़ी से गिरे थे। बोल्डरों की रफ्तार इतनी तेज थी कि दुकान का शटर बुरी तरह टूट गया। मृतक नारायण सिंह का शरीर बोल्डरों के नीचे बुरी तरह पिस गया।
लोगों ने तत्काल घटना की सूचना प्रशासन को दी। उत्तराखंड वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी और मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि हीरा सिंह चिराल ने जिलाधिकारी सुशील कुमार से फोन पर बात की। धामी ने मृतकों का पोस्टमार्टम बंगापानी में ही कराने और मृतकों के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश डीएम को दिए। डीएम ने बंगापानी में ही पोस्टमार्टम कराने के आदेश सीएमओ को जारी किए हैं। डाक्टरों की टीम बंगापानी रवाना हो गई है। राजस्व उप निरीक्षक घनश्याम पैंतोला ने मौके पर पहुंचकर शवों का पंचनामा भरा। घटना से जाल्थी गांव के साथ ही इलाके में मातम पसरा है।