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...क्या पता था जिंदगी का आखिरी लम्हा साबित होगा

Mon, 16 Mar 2015 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़
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परिवार पालने के सपने के साथ जाल्थी निवासी पुष्कर सिंह नेगी ने रविवार को ही बंगापानी में दुकान का शुभारंभ किया था। पुष्कर के साथ ही दोनों मृतक दुकान का सामान लगाने में मदद कर रहे थे। इन लोगों को क्या पता था कि यह उनकी जिंदगी का आखिरी लम्हा साबित होगा। हादसे से पुष्कर बदहवास हो गए हैं।

जाल्थी निवासी पुष्कर सिंह नेगी रविवार को दुकान में सामान लगा रहे थे। उनके चचेरे भाई प्रह्लाद सिंह और चाचा नारायण सिंह भी इस काम में उनका हाथ बंटाने लगे। बाहर बारिश हो रही थी। अचानक दो बजे तेज आवाज के साथ पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर गिरने लगे। लोग जब तक कुछ समझ पातेे, बोल्डर पुष्कर सिंह की दुकान में घुस गए। दीवार से सटकर चिपकने से पुष्कर की तो जान बच गई, लेकिन प्रह्लाद और नारायण सिंह नहीं बच पाए।
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बंगापानी मवानीदवानी, आलम, दारमा, छोरीबगड़, घरूड़ी, मनकोट, जाराजीबली समेत 14-15 गांवों का बाजार है। लोग इसी बाजार से अपनी दैनिक वस्तुओं की आपूर्ति करते हैं। रविवार को बारिश हो रही थी, अन्यथा बाजार में भीड़भाड़ होती, अन्य लोग भी हादसे की चपेट में आ सकते थे। मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि हीरा सिंह चिराल ने बताया कि बंगापानी बाजार के ऊपर पहाड़ी से अक्सर बोल्डर, पत्थर गिरते रहते हैं। उनका साफ आरोप है कि बीआरओ ने पहाड़ियों को बुरी तरह खोद दिया है, जिससे पत्थर गिरने का खतरा और बढ़ गया है। कहा कि पहाड़ी के ट्रीटमेंट के लिए योजना बनाने का मामला मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा।
                          
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