बगैर बारिश के ही पहाड़ी दरकने से दारमा और व्यास घाटियों के साथ चीन सीमा और आदि कैलाश को जोड़ने वाली सोबला-ढाकर और तवाघाट-लिपुलेख दोनों सड़कें बंद हो गईं। भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से सोबला-ढाकर सड़क का 150 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया। ऐसे में दोनों घाटियां शेष दुनिया से अलग-थलग पड़ गई हैं। तवाघाट-लिपुलेख सड़क बंद होने से आदि कैलाश यात्री, ग्रामीण और वाहन फंसे हैं।
शनिवार सुबह छह बजे के करीब पहाड़ी दरकने से दारमा घाटी और चीन सीमा को जोड़ने वाली सोबला-ढाकर सड़क बंद हो गई। सोबला के पार भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से सड़क का 150 मीटर हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो गया। आवाजाही ठप होने से आदि कैलाश यात्रियों के साथ ही स्थानीय ग्रामीण और वाहन फंसे हैं। घाटी का शेष दुनिया से संपर्क कटा है और यात्रियों, ग्रामीणों, वाहनों का यहां से निकलना मुश्किल हो गया है। बीआरओ के मुताबिक सड़क खुलने में दो दिन का समय लग सकता है। वहीं प्रसिद्ध आदि कैलाश और व्यास घाटी को जोड़ने वाली तवाघाट-लिपुलेख सड़क भी तवाघाट पुल से 300 मीटर आगे बोल्डर गिरने से बंद हो गई। सड़क के दोनों तरफ आदि कैलाश यात्री और उनके वाहन फंस गए। सूचना के बाद एसडीएम मनजीत सिंह मौके पर पहुंचे और पुलिस-प्रशासन की टीम के साथ फंसे यात्रियों को रेस्क्यू करने का काम शुरू किया। उन्होंने बीआरओ के अधिकारियों को जल्द सड़क खोलने के निर्देश भी दिए।