सरकार जब खून जांच करने की सुविधा तक सरकारी अस्पताल में नहीं दिला पाई तो इलाके के लोगों ने एक स्थानीय युवक को पैथोलाजी का कोर्स करने के लिए प्रेरित किया। युवक ने दो साल का कोर्स कर पैथोलाजी का काम शुरू किया तो इलाके के लोगों को खून की जांच की सुविधा घर पर मिलने लगी है।
राजकीय प्राथमिक अस्पताल गणाईगंगोली में डॉक्टरों की तैनाती के साथ ही पैथोलाजी की सुविधा देने की मांग गणाईगंगोली क्षेत्र के लोग लंबे समय से कर रहे थे, लेकिन सरकार पर्याप्त डॉक्टर देना तो दूर खून की जांच की तक सुविधा सरकारी अस्पताल में उपलब्ध नहीं करा पाई। लोगों ने जखेड़ा निवासी शिक्षित युवक जगदीश पंत को पैथोलाजी का कोर्स करने के लिए प्रेरित किया।
जगदीश ने दो साल का कोर्स कर मंगलवार को पैथोलाजी का काम शुरू किया। पहले दिन ही खून की जांच कराने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे। अब तक खून की जांच के लिए लोगों को 80 किमी दूर अल्मोड़ा, 40 किमी दूर गंगोलीहाट या फिर 25 किमी दूर बेड़ीनाग जाना पड़ता था। निजी पैथोलाजी की सही गणाईगंगोली में सुविधा तो मिलने लगी है।