खोतिला गांव का निरीक्षण करते लोनिवि सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी
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प्रदेश के लोनिवि और पेयजल सचिव अरविंद ह्यांकी ने शनिवार को भूस्खलन प्रभावित खोतिला गांव का दौरा किया। ह्यांकी ने महाकाली के किनारे भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र घटखोला नाले तक और टीवी टॉवर से 800 मीटर नीचे उतरकर मुख्य भूस्खलन प्रभावित स्थान तक पैदल दौरा किया। अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूकटाव रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। खोतिला के लिए तपोवन से बन रही सड़क से वाहनों का संचालन होगा, जबकि धारचूला से खोतिला तक 800 मीटर का पक्का पैदल रास्ता भी बनाया जाएगा। भूस्खलन के कारण तबाह हुई पेयजल योजना की तत्काल मरम्मत के निर्देश भी दिए। कहा कि सरकार सुरक्षा के सारे उपाय करेगी।
पिछले एक हफ्ते से हो रहे भूस्खलन के कारण व्यांसनगर खोतिला एवं धारचूला नगर को जोड़ने वाला मुख्य पैदल मार्ग तबाह हो गया था, इसके चलते व्यांसनगर खोतिला के 400 परिवारों का संपर्क तहसील मुख्यालय से पूरी तरह भंग हो गया। सबसे बड़ी समस्या छोटे बच्चों को स्कूल पहुुंचाने से लेकर रोजमर्रा के जरूरत के सामान को ले जाने में आने लगी। लोग दो किलोमीटर की पैदल चढ़ाई पार कर गांव पहुंच रहे हैं।
क्षेत्र पंचायत सदस्य विजय गर्ब्याल, युवक मंगल दल के अध्यक्ष कृष्ण सिंह नपलच्याल ने सचिव से कहा कि ठीक भूस्खलन के समय जिले में डीएम और तहसील में एसडीएम के नहीं होने के कारण आपदा से निपटने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है। ऐसे नाजुक समय में सचिव के दौरे से ग्रामीणों को उम्मीद जगी है। सचिव के सामने ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं गिनाईं तथा ठोस कार्रवाई की मांग की। सचिव ह्यांकी ने लोनिवि को शीघ्र पैदल मार्ग बनाने का निर्देश दिया। जल संस्थान के अधिकारियों से कहा कि टूटी पेयजल लाइन की मरम्मत का काम शुरू करें। सचिव ने कहा कि भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील खोतिला क्षेत्र का भूगर्भीय सर्वे कराया जाएगा। सचिव के साथ लोनिवि के मुख्य अभियंता सतेंद्र शर्मा, अधिशासी अभियंता आनंद बल्लभ कांडपाल, सहायक अभियंता गोविंद जनौटी, राजस्व निरीक्षक नंदलाल, उपनिरीक्षक हुकुम धामी सहित विभागीय अधिकारी और स्थानीय लोग थे।