धारचूला (पिथौरागढ़)। भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा में तैनात एसएसबी की सभी बार्डर आउट पोस्ट शीघ्र डिजिटल सैटेलाइट फोन टर्मिनल (डीएसपीटी) संचार सेवा से जुड़ जाएंगी। इससे जहां सीमा पर होने वाली गतिविधियों की जानकारी समय से उच्चाधिकारियों तक पहुंचेगी, वहीं नेपाल सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों के जवानों को बातचीत के साथ इंटरनेट की सुविधा भी मिलेगी।
भारत का चीन और नेपाल सीमा से लगा ज्यादातर क्षेत्र अब भी संचार सुविधा वंचित है। दूसरी ओर नेपाल के अंतिम दुर्गम गांव छांगरू में भी वाईफाई सुविधा है। सीमा पर स्थित सभी अग्रिम चौकियों में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के जवानों को बातचीत के लिए सेटेलाइट फोन या वायरलेस पर निर्भर रहना पड़ता है। सेटेलाइट फोन से केवल बातचीत ही हो पाती है, इंटरनेट नहीं चल पाता है। नेपाल जिस तरह से भारतीय सीमा पर सैन्य गतिविधियों सहित सड़क और संचार की सुविधा बढ़ा रहा है, उसे देखते हुए अब भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली एसएसबी के लिए संचार व्यवस्था भी दुरुस्त होगी।
सूत्रों के अनुसार, धारचूला से लेकर कालापानी तक स्थित सभी बार्डर आउटपोस्टों पर एसएसबी को डीएसपीटी फोन सेट उपलब्ध कराए जाएंगे। डीएसपीटी लगने से बातचीत के अलावा इंटरनेट सुविधा का लाभ भी मिल सकेगा। इससे सीमा पर संचार सेवा मजबूत होगी। नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर एसएसबी के एक अधिकारी ने बताया कि अगले एक माह डीएसपीटी फोन बीओपी में लगने शुरू हो जाएंगे।