जिला पुलिस की ओर से यहां पुलिस लाइन में आयोजित की जा रही महिला सशक्तिकरण कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों, उत्पीड़न को रोकने के लिए कई कानून बने हैं। इन कानूनों के प्रति जागरूक किया जाए। कार्यशाला में बाल अपराधों के नियंत्रण और युवाओं में बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति पर रोकथाम की जरूरत बताई गई।
एसपी रोशन लाल शर्मा के संयोजन में हुई कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं पर होने वाले अत्याचार रोकने के लिए ज्यादा सजग होने की जरूरत है। डीएम एचसी सेमवाल ने कहा कि शासन ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानून तो बनाए ही हैं। साथ में उनके उत्थान के लिए कई योजनाएं भी चलाई हैं। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहन चंद्र भट्ट ने महिलाओं, बच्चों, नशाखोरी रोकने के लिए बनाए गए कानून बताए। उन्होंने कहा कि यदि लोग इन कानूनों की जानकारी रखें तो किसी भी स्तर पर उत्पीड़न नहीं हो सकता।
अर्पण संस्था की अध्यक्ष रेनू ठाकुर ने महिला सशक्तिकरण में एनजीओ की भूमिका बताई। कहा कि समाज के लोगों को जागरूक करने में एनजीओ की भूमिका अहम है। कार्यशाला में सीओ हिमांशु साह, प्रतिसार निरीक्षक दरबान सिंह मेहता, राधिका ह्यांकी, कमला समेत सभी थानों के प्रभारी आदि थे।