पिथौरागढ़ का एमसीएसटीएम संस्थान।
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मूनाकोट (पिथौरागढ़)। हल्दू और तड़ेमिया ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाला अंग्रेजों के जमाने का पैदल पुल जर्जर हो चुका है। पुल पर ग्रामीण लकड़ियां और पत्थर रखकर चलने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों ने कई बार पुल के मरम्मत की मांग प्रशासन से की है। संबधित विभाग का कोई भी अधिकारी पुल की हालत देखने नहीं आया।
मूनाकोट ब्लॉक के दूरस्थ के हल्दू और तड़ेमिया गांवों को जोड़ने वाला अंग्रेजों के जमाने का ओखली गाड़ में बना पुल जर्जर हालत में है। पुल से रोज 200 से अधिक लोग गुजरते हैं। पुल में लगी लकड़ियां सड़ चुकी हैं। अंग्रेजों के समय में बने इस पुल का डामर भी निकल चुका है। पुल पर दोबारा रंग न होने से कई जगह जंग लग चुकी है। पुल से रोज रौतगड़ा, सेल आदि गांवों के लोग जानवरों को जंगल ले जाते हैं। स्कूली बच्चे भी इसी पुल से आवाजाही करते हैं। वहीं एसएसबी के जवान रोज काली नदी के किनारे पेट्रोलिंग के लिए भी इसी पुल से गुजरते हैं। जर्जर हाल हो चुके इस पुल में कभी भी हादसा हो सकता है।
20 साल में कभी नहीं हुई मरम्मत
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। सल्ला के प्रधान राकेश सिंह घटाल ने बताया कि हल्दू और रोतगड़ा गांवों को जोड़ने वाला ये क्षेत्र का एकमात्र पुल है। उन्होंने बताया कि 20 साल में पुल की कभी मरम्मत नहीं हुई। पुल से लोगों को काफी संभलकर चलना पड़ता है। स्कूली बच्चे अकेले ही पुल से जाते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार मुख्यालय आकर प्रशासन को पुल की मरम्मत के लिए ज्ञापन दिए गए। प्रशासन भी शायद किसी बड़ी दुर्घटना के इंतजार में है। तभी मरम्मत का काम शुरू होगा। क्षेत्र के महेंद्र चंद, राजू चंद, शमशेर चंद ने जल्द पुल की मरम्मत का काम शुरू न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।