फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pithoragarh News: कहीं दरक रहे आशियाने तो कहीं टूटकर बिखर रही हैं चट्टानें

विज्ञापन
दारमा घाटी के धौलीगंगा में बना लकड़ी का पुल । स्रोत: ग्रामीण
विज्ञापन
पिथौरागढ/धारचूला। सीमांत जिले में मानसून का कहर जारी है। कहीं मकान दरक रहे हैं तो कहीं पहाड़ियां टूट कर बिखर रही हैं। ग्रामीण और राष्ट्रीय राजमार्ग की 22 सड़कों पर आवागमन बंद है। पिथौरागढ़-टनकपुर ऑलवेदर रोड और अल्मोड़ा मार्ग पर सैकड़ों वाहन फंसे रहे। यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन

जिले में चौथे दिन भी लगातार बारिश जारी रही जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। बारिश के चलते लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। बाजारों में सन्नाटा पसर गया। नदी किनारे रहने वाले लोग आपदा के खौफ के साए में जी रहे हैं। जिला मुख्यालय के लुन्ठ्यूड़ा वार्ड में राम सिंह लुंठी के मकान के पास सीसी मार्ग ध्वस्त हो गया।
उधर धारचूला में पिछले छह दिन से हो रही बारिश के चलते टनकपुर-तवाघाट एनएच के बाद दारमा और व्यास घाटी के चीन सीमा को जोड़ने वाली सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क भी कई जगहों पर बंद है। चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क रोंगती नाला, दोबाट, एलागाड़ में बंद है। सोबला-ढाकर सड़क दो दिनों से बंद है। इसके चलते ग्रामीण घरों में बैठने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

दारमा घाटी निवासी लक्ष्मण दरियाल, गोविंद सेलाल और सचिन नगन्याल ने बताया कि सड़क दर के घटखोला, यूसुंग नाला सहित अन्य जगहों पर पेड़, बोल्डर और मलबा आने से बंद है। तवाघाट-सोबला सड़क नारायण नगर, कोकलखेत, खेत में बंद है।
गुंजी की सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल ने बताया कि तवाघाट-लिपुलेख सड़क लमारी, बुदि समेत तीन-चार जगहों पर बंद हैं। दारमा घाटी के पंचाचूली ग्लेशियर से बहने वाली न्योती यांगती, सीपू से बहने वाली लछर समेत कालापानी, कुटी सहे बहने वाली नदियों के साथ ही गाड़-गधेरे उफान पर आ गए हैं।

अस्कोट क्षेत्र में 15 घंटे बाद आई बिजली
अस्कोट। बिजली लाइन में पेड़ गिरने से क्षेत्र की बिजली शनिवार रात 7:30 बजे बाधित हो गई थी। रविवार सुबह 10:30 बजे बिजली बहाल हुई। इसके चलते गरखा, सिंगाली, देवल, हिनकोट, रसगाड़ी, बेड़ा, ऊंचाकोट, बगड़ीहाट, तीतरी, मोचोरा, खोलिया समेत कई गांवों की 40,000 से अधिक आबादी ने अंधेरे में रात गुजारी। लाइनमैन हेमराज धामी ने बताया कि लाइन में पेड़ गिर गया था। संवाद

10 घंटे बंद रही थल-मुनस्यारी सड़क
नाचनी/थल। लगातार हो रही बारिश से थल मुनस्यारी सड़क हरड़िया के नया बस्ती में 10 घंटे बंद रही। लोनिवि ने रविवार सुबह आठ बजे मलबा हटाकर यातायात शुरू कराया। गटगांव की पहाड़ी से लगातार मलबा आना जारी है। रामगंगा, भुजगड़, जाकुला नदियों का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। इधर । थल में भी रामगंगा का जल स्तर काफी बढ़ गया है। मौसम विभाग चेतावनी के मद्देनजर पुलिस ने लोगों को नदी के किनारे और गाड़-गधेरे में न जाने की सख्त हिदायत दी है। संवाद
मत्स्य तालाब की सुरक्षा दीवार ढही, मछलियां बहीं

मूनाकोट/झूलाघाट/गंगोलीहाट/डीडीहाट/मुनस्यारी। मूनाकोट के बड़ाबे में भारी बारिश से मछली तालाब की दीवार गिरने से मछलियां बह गईं। मत्सय पालक उत्तम जोशी ने ग्राम प्रधान तारा जोशी को सूचना दी।
धारीऐर गांव में तड़के तीन बजे राम सिंह के आंगन की दीवार गिरने से मकान को खतरा हो गया है। नारायण सिंह के मकान के आगे की दीवार भी गिर गई है। उधर झूलाघाट के भटेड़ी में ललित राम पुत्र त्रिलोक राम के पुराने मकान की छत क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने चाचा के यहां शरण ली है। तहसीलदार विजय गोस्वामी ने क्षेत्र का भ्रमण कर लोगों को नदी तट पर नहीं जाने की सलाह दी।
उन्होंने एसएसबी 55 वीं वाहिनी के कैंप में बैठक कर सहयोग करने का अनुरोध किया। एसएसबी के एसआई निरंजन हलधर ने कंपनी आपदा से निपटने को तैयार है। थानाध्यक्ष आरती ने लाउडस्पीकर से घोषणा कर लोगों को काली नदी से दूर रहने का आह्वान किया। संवाद
-
भूस्खलन से तीन आवासीय भवनों को खतरा
गंगोलीहाट। गंगोलीहाट तहसील के जमणलेथ गांव में किशोर चंद्र, हरीश राम और संतोष कुमार के आवासीय मकानों को खतरा हो गया है। प्रभावित परिवारों को पंचायत घट में शिफ्ट किया गया है। पटवारी सुरेंद्र खत्री ने मकानों का मुआयना कर रिपोर्ट तहसीलदार को सौंप दी है। बताया कि प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न किट उपलब्ध कराए गए हैं। डीडीहाट-पमस्यारी रोड की सुरक्षा दीवार गिर गई है। सड़क पर कटाव जारी है। मुनस्यारी के मल्ला नई बस्ती में रुद्र वर्मा का आंगन टूटने से गोशाला क्षतिग्रस्त हो गई है। मकान को भी खतरा पैदा हो गया है। संवाद

सीमांत की यह सड़कें हैं बाधित
पिथौरागढ़। थल-मुनस्यारी, धारचूला-तवाघाट, बंगापानी-जाराजिबली, बांसबगड़-धामीगांव, बांसबगड़-सेलमाली-कोटा, मदकोट-तोमिक, खुमती-कटोजिया, तवाघाट-खेला-गर्गुवा, पौड़ी-घटकुना, डीडीहाट-आदीचौरा, डीडीहाट-हुनेरा, धापा-मिलम सड़कें बंद चल रही है। इनके अलावा कालिका-खुमती, मदकोट-दारमा, बुगाछीना-कौसाली, सल्ला-रोतगड़ा, रसैपाटा-मोडी, कनालीछीना-ल्वाठी, तवाघाट-नारायण आश्रम, ऐंचोली-जाख्-मासू, ऐंचोली-बड़ाबे, मदकोट-बौना, डीडीहाट-दूनाकोट सड़कें मलबा और बोल्डर आने से बंद हैं। गणाई क्षेत्र में 10 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। सड़कों के बंद होने से ग्रामीणों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़ 73 मिमी
कनालीछीना 70 मिमी
बंगापानी 69 मिमी
धारचूला 68 मिमी
देवलथल 61 मिमी
गंगोलीहाट 52.50 मिमी
बेडीनाग 45 मिमी
थल 40 मिमी
मुनस्यारी 37.60 मिमी
गणाईगंगोली 30 मिमी
डीडीहाट 13 मिमी

नदियों का जलस्तर
काली नदी धारचूला
चेतावनी स्तर खतरनाक स्तर वर्तमान स्तर
889 मीटर 890 मीटर 889.70 मीटर
सरयू
452 मीटर 453 मीटर 449 मीटर
गोरी नदी जौलजीबी
606.80 मीटर 607.80 मीटर 605.50 मीटर
गोरी नदी मदकोट
1214.10 मीटर 1215.10 मीटर 1212.90 मीटर
सभी विभाग अलर्ट पर रहें : डीएम
चंपावत। डीएम नवनीत पांडे ने सभी विभागों के अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सड़क निर्माण एजेंसिंयों को सड़क मार्ग बंद होने पर तत्काल खोलने की कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने डीएम ने जिले के लोगों से कहा कि भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए अनावश्यक घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है। नगर में पुलिस के वाहन से भी लोगों को भारी बारिश में घरों में सुरक्षित रहने की अपील की जा रही है। संवाद
एक घंटा देरी से खोला गया अंतर राष्ट्रीय झूला पुल
धारचूला (पिथौरागढ़)। खराब मौसम के चलते भारत-नेपाल को जोड़ने वाला अंतर राष्ट्रीय झूला पुल रविवार को एक घंटा देरी से खोला गया।
एसडीएम मंजीत सिंह ने काली नदी के जलस्तर को बढ़ते हुए एसएसबी की 11 वाहिनी के अधिकारी को रविवार सुबह एक घंटा देर से खोलने के निर्देश दिए। इसके बाद एसएसबी धारचूला इंचार्ज इंस्पेक्टर योगेश पुनेठा ने रविवार को एक घंटा देर से सुबह छह बजे के बजाय सात बजे झूला पुल खोला। झूला पुल एक घंटा देरी से खुलने के कारण सुबह नेपाल से भारत आने वाले लोगों को इंतजार करना पड़ा। हालांकि दिन भर मूसलाधार बारिश के कारण झूलापुल पर दोनों देशों के बीच आवाजाही अन्य दिनों की अपेक्षा कम रही। एसडीएम ने एसएसबी को काली नदी के जल स्तर को देखते हुए पुल को खोलने के निर्देश दिए हैं। संवाद



धौलीगंगा में बना लकड़ी का पैदल पुल बहा
धारचूला (पिथौरागढ़)। दारमा घाटी में विगत तीन दिन से हो रही बारिश के कारण न्योली यांगती और धौलीगंगा का जलस्तर काफी बढ़ गया है। इसके चलते शनिवार शाम ग्राम चल और सेला को जोड़ने वाला पैदल लकड़ी का पुल नदी में समा गया है।
पुल के बहने से माइग्रेशन पर गए ग्राम चल के 30 और सेला के 40 परिवारों का संपर्क सड़क से टूट गया है। दोनों गांवों में आवाजाही के लिए ट्रॉली होने से ग्रामीणों को कुछ राहत है। चल गांव की प्रधान सरस्वती देवी और सेला की सरिता देवी, गोविंद सेलाल ने बताया कि भारी बारिश के चलते धौलीगंगा पर बना लकड़ी का पुल बह गया है।
बताया कि यदि नदी का जलस्तर बढ़ता रहा तो ट्रॉली को भी नुकसान पहुंचने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 2013 की भीषण आपदा में लोहे का पुल धौलीगंगा में बह चुका है। तब से ग्रामीण सरकार से नए झूलापुल की मांग कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं हुई है। इसके कारण दोनों गांव के लोग माइग्रेशन पर जाते समय श्रमदान कर पुल बनाते है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र झूलापुल बनाए जाने की मांग उठाई है। संवाद

खतरे की जद में आया डिग्री कॉलेज अमोड़ी का भवन
- नदी के बहाव से धीरे-धीरे हो रहा भू-कटाव, तीन परिवार अन्यत्र शिफ्ट किए
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जिला मुख्यालय से 29 किमी दूर अमोड़ी में डिग्री कॉलेज का भवन खतरे की जद में आ गया है। नदी का बहाव धीरे-धीरे कॉलेज की ओर होने से भू-कटाव का खतरा बढ़ गया है।
इधर, पूर्णागिरि टनकपुर क्षेत्र में पांच जुलाई को एक महिला की नदी में बहने से मौत हो गई थी। एक कच्चा भवन, छह पक्के भवन और 13 पक्के भवनों के आंगन की सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसके अलावा एक गोशाला क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इधर पाटी ब्लॉक में एक गाय, तहसील पूर्णागिरि में एक बकरी की मौत हो चुकी है। सुरक्षा के दृष्टिगत जिला प्रशासन ने तीन परिवारों को अन्यत्र शिफ्ट कर दिया है।
ट्रांसफार्मर फुंका, कर्मियों ने किया ठीक
चंपावत। जिला मुख्यालय में यूपीसीएल के कर्मी मूसलाधार बारिश में भी नगर की बिजली सुचारु करने में लगे हैं। ट्रांसफार्मर फुंकने से नगर के कुछ हिस्सों में बिजली गुल है। इसे दुरुस्त करने में यूपीसीएल कर्मी बारिश के परवाह किए बिना अपने काम में लगे हुए हैं। यूपीसीएल के जेई अमरनाथ ने बताया कि शुक्रवार को ट्रांसफार्मर फुंक गया था। इसके बाद बिजली आपूर्ति को किसी तरह बहाल किया गया। रविवार को फुंके हुए ट्रांसफार्मर की ठीक कर आपूर्ति सुचारु करने का काम किया गया। भारी बारिश में बिजली आपूर्ति करने में कर्मियों को काफी समय लग गया। संवाद

स्वांला में 24 घंटे बाद खुला एनएच
चंपावत। स्वांला में बंद एनएच 24 घंटे बाद खोल दिया है। चंपावत से टनकपुर और टनकपुर से पिथौरागढ़ की तरफ आ रहे वाहनों को गंतव्य को भेजा गया। शनिवार को शाम 5:50 बजे स्वांला में मलबा आने से एनएच बंद हो गया था। रविवार सुबह से ही एनएच की मशीनें जगह-जगह आए मलबे को हटाने का काम करती रहीं। देर शाम करीब छह बजे एनएच खोला जा सके। इधर शनिवार शाम स्वांला में रोडवेज की बस फंस गई थी। बस पिथौरागढ़ से टनकपुर जा रही थी। एनएच खुलने के बाद बस टनकपुर की तरफ रवाना हुई। संवाद

हुडडी नदी उफनाने से जंगल में सब्जी तोड़ने गए लोग फंसे, रेस्क्यू किया

सुबह करीब छह बजे छीनीगोठ से 30-35 ग्रामीण गए थे जंगल में कटरुआ तोड़ने
अपरान्ह 11 बजे वापस लौटे तो नदी उफान पर आ गई, बाद में सूचना प्रशासन को दी
कोतवाल के साथ एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और वोट से निकाला
संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। क्षेत्र के ग्राम सभा छीनीगोठ से जंगल में कटरुआ की सब्जी तोड़कर लौट रहे 30-35 ग्रामीण हुड्डी नदी के उफान में आने से कई घंटे तक फंसे रहे। सूचना पर प्रशासन ने पुलिस और एसडीआरएफ टीम को भेजा। शाम करीब पांच बजे के बाद रॉफ्ट से सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। इनमें कई महिलाएं भी शामिल थीं।
छीनीगोठ की ग्राम प्रधान पूजा जोशी ने बताया कि रविवार सुबह करीब छह बजे गांव से पूजा भंडारी, सोनी भंडारी, प्रभा देवी समेत करीब 30-35 लोग जंगल में कटरुआ लेने गए थे। जब वह करीब 11 बजे आने लगे तो हुड्डी नदी उफान पर आ गई। सभी लोग नदी किनारे पानी कम होने का इंतजार करते रहे, लेकिन जब पानी बढ़ने लगा तो ग्रामीणों को सूचना दी।
इस बीच ग्रामीण राकेश पंत, हयात सिंह भंडारी आदि तैरकर गांव पहुंचे। सूचना पर कोतवाल योगेश उपाध्यक्ष और एसडीआरएफ की टीम रॉफ्ट लेकर मौके पर पहुंची। शाम को रेस्क्यू करने का कार्य शुरू हुआ। शाम करीब पांच बजे के बाद सभी को निकाल लिया गया।
कोतवाल उपाध्याय ने बताया कि सभी ग्रामीण सुरक्षित हैं। उन्होंने ग्रामीणों से बरसात में नदी नालों के उफान में आने पर सजग रहने पर जोर दिया। इस दौरान विधायक प्रतिनिधि दीपक रजवार समेत अनेक ग्रामीण मौजूद रहे। संवाद


30 से अधिक गांवों का संपर्क कटा
चंपावत। जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण जिले में 30 से ग्रामीण सड़कें बंद होने से 30 से अधिक गांवों का संपर्क मुख्यालय से कट गया है। दूध, सब्जी आदि लेकर बाजार क्रय के लिए आने वाले किसानों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क मार्ग बंद होने से ग्रामीणों के लिए अस्पताल आना संभव नहीं हो पा रहा है। उनकी समस्याएं बढ़ गई है। जगह-जगह गिरे मलबे को पार कर मुख्यालय तक पहुंचना ग्रामीणों के लिए संभव नहीं है। ग्रामीण चंद्रशेखर कुमार का कहना है कि प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को खोलने की भी कवायद करनी चाहिए। पिछले चार दिन से कई ग्रामीण सड़कें मलबा आने से बंद हैं। अगर सड़क मार्ग बंद रहे तो ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरी सामान की किल्लत शुरू हो जाएगी। संवाद
विज्ञापन




विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें