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Pithoragarh News: तीन साल से गायब आशा, बच्चों और गर्भवतियों का टीकाकरण बंद

Sun, 08 Feb 2026 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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नाचनी (पिथौरागढ़)। तेजम तहसील के सैमली गांव में तीन साल से आशा कार्यकर्ता गायब है। आशा के नहीं होने से ग्राम सभा में सभी स्वास्थ्य कार्यक्रम आइसोलेशन में चले गए हैं। यहां तक कि जच्चा-बच्च का टीकाकरण भी बंद हो गया है। लंबे समय बाद स्वास्थ्य विभाग नींद से जागा और अनुपस्थित आशा कार्यकर्ता का वेतन रोकने के निर्देश जारी हुए हैं।
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तेजम तहसील के सैमली गांव में तीन वर्ष से आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों से अनुपस्थित है। आशा के अनुपस्थित होने से गर्भवती महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण, जीवन रक्षक दवा वितरण सहित अन्य सभी स्वास्थ्य कार्यक्रम पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। हालात यह है कि जच्चा-बच्चा का टीकाकरण न होने से खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण कार्यक्रम में में आशा कार्यकर्ता की महत्वपूर्ण भूमिका होने के बावजूद इनके अनुपस्थित रहने पर विभाग चुप रहा। यहां तक कि संबंधित आशा को बगैर काम के मानदेय भी जारी होता रहा।
गायब कार्यकर्ता को विभाग ने न तो खोजने की कोशिश की और ना ही उनके खिलाफ कार्रवाई हुई। ग्रामीणों की शिकायत के बाद अब विभाग ने संबंधित आशा का वेतन रोकते हुए इनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। ग्रामीण गोविंद चंद्र द्विवेदी ने बताया कि आशा कार्यकर्ता के नहीं होने से उनके तीन माह के बच्चे का टीकाकरण नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि प्रसवकाल के बाद दी जाने वाली जीवन रक्षक औषधि भी पत्नी को नहीं मिली है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से जल्द ही गांव में आशा कार्यकर्ता की तैनाती की मांग की है।
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कोट
सैमली गांव में आशा कार्यकर्ता के अनुपस्थिति रहने की सूचना मिली है। संबंधित का वेतन रोक दिया है। गांव में अन्य आशा कार्यकर्ता की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। - डॉ. अजय कुमार, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएचसी, मुनस्यारी
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