संविदा कर्मी घोषित करने, पूरे महीने का मानदेय देने की मांग पर आशा फैसिलिटेटर ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उनसे पूरे महीने काम कराया जा रहा है लेकिन मानदेय सिर्फ 20 से 25 दिन का दिया जा रहा है।
पिथौरागढ़ में संविदा कर्मी घोषित करने, पूरे महीने का मानदेय देने की मांग पर आशा फैसिलिटेटर ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उनसे पूरे महीने काम कराया जा रहा है लेकिन मानदेय सिर्फ 20 से 25 दिन का दिया जा रहा है।
सोमवार को जिले भर की आशा फैसिलिटेटर जिला मुख्यालय पहुंचीं और कलक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। उन्होंने कहा कि 2010 से वे इस पद पर तैनात हैं। एक फैसिलिटेटर को 15 से 25 आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों को देखने की जिम्मेदारी दी गई है। सभी फैसिलीटेटर टीकाकरण सहित अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भाग लेते हुए अपने दायित्वों को पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन कर रही हैं। पूरे महीने काम कराकर सरकार उन्हें सिर्फ 20 से 25 दिन का मानदेय दे रही है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि 14 साल बाद भी उन्हें संविदा कर्मी घोषित नहीं किया गया है। उन्होंने पूरे महीने का मानदेय, प्रोत्साहन राशि चार हजार रुपये देने, पीएल और वीएचएसएनसी की बैठकों की धनराशि में बढ़ोतरी करने, शीतकाल और ग्रीष्मकाल में अलग-अलग ड्रेस देने की मांग की। चेतावनी दी कि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे सड़कों पर उतरेंगीं। प्रदर्शन करने वालों में संगठन की अध्यक्ष ललिता बोरा, बसंती खैर, रेनू पंत, दीपा तिवारी, प्रभा जोशी, दीपा पाठक, आनंदी पांडे, गीता महर आदि शामिल रहीं।