जिले में रविवार को बारिश की रफ्तार बहुत कम रही। सुबह से हल्की बारिश के बाद अपरान्ह दो बजे से बारिश थम गई। कम बारिश से मुख्य सड़कों पर यातायात सामान्य रूप से जारी है। सिर्फ थल-मुनस्यारी मार्ग पर नाचनी से आगे बहने वाले हरड़िया नाले ने रविवार को फिर चार घंटे तक यातायात में बाधा पहुंचाई।
लोनिवि ने जेसीबी से मलबा हटाकर यातायात सामान्य बनाया। बताया गया है कि हरड़िया नाले का प्रवाह बढ़ने से रविवार सुबह चार बजे सारा मलबा सड़क पर आ गया था। लोनिवि ने आठ बजे तक मलबा साफ कर दिया। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार जिले में पिछले 24 घंटे में मामूली बारिश से नदियों का जल स्तर कम होने लगा है। रविवार को जिले में कहीं से भी नुकसान की कोई सूचना नहीं है। जिले को मैदान से जोड़ने वाली सभी सड़कों पर यातायात सामान्य रूप से जारी है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डा. आरएस राणा ने बताया कि सभी तहसील क्षेत्रों में हल्की स्तर की बारिश हुई।
कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-3.2 एमएम
बेड़ीनाग-1.8 एमएम
गंगोलीहाट-2.0 एमएम
डीडीहाट-2.0 एमएम
मुनस्यारी-2.0 एमएम
धारचूला-4.0 एमएम
धारचूला, मुनस्यारी को भेजे राहत पैकेट
पिथौरागढ़। जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने मानसून काल को देखते हुए धारचूला तहसील मुख्यालय को 150 और मुनस्यारी तहसील मुख्यालय को राहत सामग्री के 100 पैकेट उपलब्ध करा दिए हैं। जिला मुख्यालय में 100 पैकेट रिजर्व में रखे गए हैं। इन पैकेटों में खाद्य सामग्री और निजी उपयोग की वस्तुएं हैं। यदि बारिश से किसी परिवार के साथ कोई दिक्कत आती है तो तत्काल मदद दी जाएगी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डा. आरएस राणा ने बताया कि बंगापानी तहसील मुख्यालय में खोज और बचाव सामग्री पहुंचा दी गई है।
आईटीबीपी ने रालम से 25 लोगों को निकाला
मुनस्यारी। आईटीबीपी की एक टुकड़ी रविवार को रालम गांव को रवाना हो गई है। लिंगुरानी पुल बहने से कई लोग रालम में फंसे हैं। रविवार सुबह आईटीबीपी के जवानों ने लिंगुरानी नाले से 25 लोगों को सुरक्षित पार कराया है। इन लोगों में शामिल पातो निवासी चंद्र सिंह दरियाल ने बताया कि आईटीबीपी के जवान अब रालम गांव को निकल गए हैं। वह लोगों की मदद करेंगे।
बीआरओ ने गुंजी-नाभीढांग के बीच बनाया पुल
धारचूला। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर गुंजी और नाभीढांग के बीच बहने वाली नदी पर वैली ब्रिज का निर्माण किया है। आईटीबीपी के मेजर मनीष नारायण ने बताया कि पुल बनने से लोगों को आवागमन की सुविधा मिलने लगी है। इसके अलावा एक वैली ब्रिज गुंजी के पास बहने वाली यांगती नदी में भी बनाया जा रहा है। यह पुल एक-दो दिन में तैयार हो जाएगा।