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सेना कैलाश मानसरोवर यात्रियों की मदद करेगी

Wed, 14 Jun 2017 10:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
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धारचूला से कैलाश यात्री दल को रवाना करते कुमाऊं स्काउट्स के कमांडिंग आफीसर ललित मिश्रा - फोटो : अमर उजाला
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कैलाश मानसरोवर यात्रियों का पहला दल बुधवार सुबह आधार शिविर धारचूला से रवाना हो गया। यात्रियों को 54 किलोमीटर दूर नारायणआश्रम तक वाहनों से ले जाया गया। वहां से छह किलोमीटर का पैदल सफर तय कर यात्री पहले पैदल पड़ाव सिर्खा पहुंच गए। सेना के कुमाऊं स्काउट्स मुख्यालय में यात्रियों को रवाना करते समय कर्नल ललित मिश्रा ने कहा कि अग्रिम चौकियों पर तैनात सेना के जवान यात्रियों की मदद करेंगे। आपात स्थिति में भी सेना मदद के लिए तैयार रहेगी। कर्नल मिश्रा ने दुर्गम इलाके से होकर की जाने वाली यात्रा में शामिल यात्रियों के उत्साह की तारीफ करते हुए कहा कि यह भगवान शंकर की ही कृपा है।
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यात्रियों का दल मंगलवार शाम आधार शिविर पहुंच गया था। बुधवार सुबह रवानगी का कार्यक्रम कुमाऊं स्काउट्स मुख्यालय में हुआ। पहले दल में 16 महिलाओं समेत 55 यात्री हैं। सभी यात्री उत्साह से लवरेज हैं। उपजिलाधिकारी आरके पांडे ने कहा कि यात्रा मार्ग पर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया है। यात्रियों को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होने दी जाएगी।

इससे पहले यात्रियों का रं संग्रहालय की टीम ने उर्मिला गुंज्याल के नेतृत्व में स्वागत किया। यात्रियों को रवाना करते समय कुमाऊं मंडल विकास निगम के यात्राधिकारी रमेश चंद्र जोशी, दीवान सिंह बिष्ट, सूबेदार मेजर भूपाल सिंह, आर्मी स्कूल की प्रधानाचार्य जया मिश्रा, तहसीलदार आईबी मल्ल, थाना प्रभारी ध्यान सिंह, व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा समेत सेना के अधिकारी और जवान मौजूद थे। 
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मजदूरों और घोड़ेवालों ने ली हिमालय बचाओ की शपथ
कुमाऊं मंडल विकास निगम के साहसिक पर्यटन प्रबंधक दिनेश गुरुरानी बुधवार की सुबह नारायणआश्रम पहुंचे। नारायणआश्रम से ही कैलाश मानसरोवर यात्रियों का सामान ढोने के लिए मजदूर और कठिन रास्तों से यात्रियों को ले जाने के लिए घोड़े वाले तैयार रहते हैं। गुरुरानी ने सभी मजदूरों और घोड़ेवालों को हिमालय बचाओ की शपथ दिलाते हुए कहा कि किसी भी यात्रा पड़ाव पर गंदगी न फैलाएं। यदि वहां पर पहले से गंदगी हो तो उसे साफ करें। पहले दल के साथ 60 मजदूर और घोड़ेवाले जा रहे हैं। मजदूरों और घोड़ेवालों ने आश्वस्त किया कि वह किसी भी स्थान पर गंदगी नहीं होने देंगे। उच्च हिमालयी क्षेत्र में प्लास्टिक और पॉलिथीन ले जाने पर प्रतिबंध है। यदि कोई व्यक्ति गलती से इस तरह की सामग्री ले गया होगा तो उस सामग्री को एकत्र कर नष्ट किया जाएगा। मजदूरों और घोड़ेवालों ने सफाई को लेकर किए जा रहे प्रयास की सराहना की। गुरुरानी ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रियों से वापसी के समय हिमालय बचाओ के शपथपत्र भराए जाएंगे।
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