बंगापानी में धरना देते क्षेत्रवासी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़/बंगापानी। बंगापानी से मवानी दवानी और आलम दारमा को जोड़ने वाले पुल का निर्माण नहीं होने से नाराज क्षेत्र की जनता सड़क पर उतर आई। क्षेत्रवासियों ने प्रदर्शन करने के बाद बंगापानी तहसील में धरना दिया। तहसीलदार और लोनिवि के जेई के लिखित आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया।
वर्ष 2016 में बंगापानी से मवानी दवानी, मदरमा,माणीधामी, धामीगांव, आलम दारमा को जोड़ने के लिए मोटर पुल स्वीकृत हुआ। स्वीकृति के तीन साल बीतने के बाद भी इस पुल का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। इससे क्षेत्रवासियों में नाराजगी है। पूर्व चेतावनी के अनुसार सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। बाद में तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए। इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि इस पुल के निर्माण के लिए कई बार आंदोलन किए जा चुके हैं। कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता विक्रम दानू ने पुल निर्माण की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन भी किया था। इस मामले में उनके खिलाफ शांति भंग में चालान की कार्रवाई तक की गई। बावजूद इसके शासन प्रशासन ने पुल बनाने की पहल नहीं की। पुल नहीं बनने से क्षेत्र की हजारों की जनता सुविधा से वंचित है। आंदोलन को देखते हुए बंगपानी के तहसीलदार नंदन राम और लोक निर्माण विभाग के जेई महेश वर्मा ने लोगों को पुल निर्माण का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद ही धरना समाप्त किया गया। इस धरना-प्रदर्शन में क्षेत्र पंचायत सदस्य मवानी दवानी विजय कुमार, मवानी प्रधान मुन्नी देवी, दारमा प्रधान चंदर धामी, मदरमा प्रधान उमेश धामी, पूर्व प्रधान दारमा बिजय धामी, बिक्की बिष्ट, केदार धामी आदि लोग शामिल थे। सामाजिक कार्यकर्ता विक्रम दानू ने कहा कि यदि पुल का शीघ्र निर्माण शुरू नहीं किया जाता है तो क्षेत्र की जनता फिर सड़कों पर उतरेगी।