पिथौरागढ़/धारचूला/मुनस्यारी। सीमांत जिले में मानसूनी बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है। जिला मुख्यालय में 14.5 तो तेजम में सबसे अधिक 120 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश के बाद पहाड़ी दरकने से चीन सीमा को जोड़ने वाले धारचूला-तवाघाट, तवाघाट-गुंजी और थल-मुनस्यारी हाईवे आठ घंटे से अधिक समय तक बंद रहे। सड़क के दोनों तरफ फंसे वाहनों और यात्रियों को आवाजाही सुचारू होने का लंबा इंतजार करना पड़ा।
चीन सीमा के साथ ही दारमा और व्यास घाटी को जोड़ने वाले धारचूला-तवाघाट और तवाघाट-गुंजी सड़क पर कुलागाड़, जीरो पॉइंट आदि जगहों पर पहाड़ी दरक गई। भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से दोनों हाईवे बंद हो गए। दारमा और व्यास घाटी में 21 अगस्त तक मेले और महोत्सव का आयोजन होना है इसके लिए बड़ी संख्या में लोग जा रहे हैं।
दोनों सड़कें बंद होने से 200 से अधिक वाहन और दो हजार से अधिक यात्री फंसे रहे। यात्रियों को सड़कों के खुलने का लंबा इंतजार करना पड़ा। करीब आठ घंटे बाद दोपहर दो बजे मलबा और बोल्डर हटाकर आवाजाही शुरू कराई तब जाकर यात्री गंतव्य को रवाना हुए।
वहीं थल-मुनस्यारी सड़क हरड़िया के पास पहाड़ी दरकने से बंद हो गई इससे दोनों तरफ यात्री और वाहन फंसे रहे। बमुश्किल बोल्डर हटाकर आवाजाही सुचारू हुई। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने कहा कि सड़कों को खोलने के लिए जगह-जगह जेसीबी तैनात हैं। सड़कों को जल्द खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।
18 ग्रामीण सड़कों पर भी थमी रफ्तार
जिले में 18 ग्रामीण सड़कों पर भी रफ्तार थमने से 12 हजार से अधिक की आबादी परेशान हैं। मुवानी-गोबराड़ी, बला-दाफा, मदकोट-बोना, ड्योड़ा-बारमो, जौलजीबी-झूलाघाट, कनालीछीना-पीपली, सोबला-उमचिया, होकरा-नामिक, एलागाड़-जुम्मा, घट्टाबगड़-तांकुल, जैतीं-घोरपट्टा, मुनस्यारी-हरकोट, धापा-बुई, छेड़ा-आगर, खिरमांडे-रैनी, पांगला-जयकोट, ओगला-पसमा, डीडीहाट-आदिचौरा सड़कों के बंद होने से ग्रामीणों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में बारिश का आँकड़ा(एमएम में)
पिथौरागढ़ 14.5
बेरीनाग 32.2
मुनस्यारी 56.2
बंगापानी 105.0
गणाई गंगोली 25.0
देवलथल 70.0
गंगोलीहाट 5.5
डीडीहाट 90.0
धारचूला 25.8
कनालीछीना 46.0
तेजम 120.0
थल 50.0
फोटो-17 पीटीएच 16 पी-थल-मुनस्यारी सड़क पर हरड़िया के पास गिरे बोल्डर। संवाद