धारचूला में एसडीएम को ज्ञापन सौंपते रांथी क्षेत्र के लोग।
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तीन मुख्यमंत्रियों की घोषणा के बाद भी धारचूला-रांथी मोटर मार्ग का चौड़ीकरण नहीं हो सका है। बदहाल होने के कारण कारण इस सड़क पर पिछले चार साल में हुई वाहन दुर्घटनाओं में 17 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं। इस उपेक्षा से नाराज क्षेत्रवासियों ने शीघ्र सड़क का चौड़ीकरण नहीं होने पर उग्र आंदोलन करने और चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है।
सोमवार को उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में लोगों ने कहा कि वर्ष 2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक, वर्ष 2015 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के मुखिया हरीश रावत और वर्ष 2017 में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जौलजीबी में रांथी सड़क के चौड़ीकरण की घोषणा की थी। इसके बावजूद इस सड़क के चौड़ीकरण को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते 12 हजार से अधिक की आबादी को जान हथेली पर रखकर आवाजाही करनी पड़ती है।
उन्होंने बताया कि इस सड़क पर अब तक कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। जिनमें 17 से अधिक लोगों को जान गंवानी पड़ी है। कहा कि यदि शीघ्र इस सड़क चौड़ीकरण को लेकर उचित पहल नहीं करने पर चक्काजाम और लोक सभा चुनावों के बहिष्कार किया जाएगा। ज्ञापन भेजने वालों में क्षेत्र पंचायत सदस्य दान सिंह धामी, राजेंद्र धामी, मान सिंह धामी, उदय सिंह, दीपक सिंह, कृष्ण सिंह, नर सिंह, नैन सिंह, विनोद धामी, कृष्ण सिंह, भवान सिंह, सुभाष धामी आदि शामिल थे।