पिथौरागढ़। कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) की ओर से चार मई से शुरू हो रही आदि कैलाश यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। गुंजी में यात्रियों के लिए भट के डुबके, चुड़काणी आदि परंपरागत भोजन के साथ ही दक्षिण भारतीय व्यंजन इडली भी परोसे जाएंगे।
यात्रा के लिए कुल 152 यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। केएमवीएन ने यात्रा में 20 दलों के यात्रियों के जाने का अनुमान लगाया है। सितंबर के बाद यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
उधर, उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम लगातार बदल रहा है। इन दिनों ऊपरी क्षेत्रों में रोज बारिश और हिमपात हो रहा है। ज्योलिकांग के पास अब भी रास्ते पर बर्फ जमा है। मौसम का रुख इसी तरह रहा तो यात्रियों को ज्योलिकांग में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
यात्रियों का रूट
-पहले दल के यात्री चार मई को काठगोदाम से चलकर जागेश्वर धाम के दर्शन करने के बाद शाम कोपर्यटक आवास गृह (टीआरएच) में पहुंचेंगे। यहां रात्रि विश्राम कर अगले दिन यात्री धारचूला रवाना होंगे।
-वहां डॉक्टरों की टीम यात्रियों का मेडिकल परीक्षण करेगी। इसके बाद स्वस्थ यात्रियों को ज्योलिकांग की यात्रा पर ले जाया जाएगा।
-वहां ओम पर्वत और पार्वती सरोवर के दर्शन के बाद यात्रियों को वापसी में बूंदी टीआरएच में लाया जाएगा।
-बूंदी और गुंजी कैंप में इस बार पर्यटकों के आरामदायक विश्राम के लिए नए बिस्तर की भी व्यवस्था की गई है।
यात्रियों को खाने में अन्य व्यंजनों के साथ ही झंगोरे की खीर, पहाड़ी रायता भी परोसा जाएगा। - धन सिंह बिष्ट, प्रबंधक, टीआरएच, धारचूला।