धारचूला (पिथौरागढ़)। केएमवीएन की ओर से संचालित आदि कैलाश यात्रा का पहला दल आदि कैलाश पर्वत और पार्वती कुंड के दर्शन किए बिना लौटा आया है। इससे यात्रियों में निराशा है। हफ्ते भर से बंद कुटी-ज्योलिंकांग की सड़क नहीं खुलने से आगे के दलों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
आदि कैलाश का पहला दल चार मई को पिथौरागढ़ पहुंचा। इसके बाद यात्री दो दिन धारचूला में रहे। सात मई को दल गुंजी पहुंचा। बीते दिन दल के यात्री ओम पर्वत दर्शन करने पहुंचे। कुटी-ज्योलिंकांग की सड़क बर्फबारी के चलते बंद होने के चलते यात्री आगे की यात्रा नहीं कर पाए।
मंगलवार को यात्री मायूस होकर धारचूला लौट आए जो शाम तक चौकोडी बेड़ीनाग पहुंच गए यहां वह रात्रि विश्राम करेंगे। सड़क बंद होने के कारण केएमवीएन के कर्मचारी और सुरक्षा बल भी ज्योलिंकांग नहीं जा पा रहे है।
वहीं यात्रा शुरू होने के बाद भी बीआरओ अब तक सड़क नहीं खोल सकी है। ग्रामीणों ने कहा कि तीन-चार दिन मौसम साफ होने पर भी बीआरओ सड़क नहीं खोल पाया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क खुलने में अभी एक सप्ताह और लग सकता है।
केएमवीएन के गाइड पवन चौधरी ने बताया कि आदि कैलाश के पहले दल के सभी यात्रियों ने सोमवार को ओम पर्वत के दर्शन किए। उन्होंने भोलेनाथ के जयकारे लगाए। ओम पर्वत के अच्छी तरह दर्शन होने पर खुशी जाहिर की। मुंबई से पहली बार आए दंपती ख्याति चौकसी और समीर चौकसी ने ओम पर्वत के शानदार दर्शन होने पर भोलेनाथ का आभार जताया। यात्राधिकारी धन सिंह बिष्ट ने बताया कि दूसरे दल के 12 सदस्य भी मंगलवार को धारचूला से गुंजी पहुंच गए हैं।