खेतीखान क्षेत्र में बाएफ की ओर से कराए जा रहे कार्यों का निरीक्षण करते नाबार्ड के महाप्रबंधक भाष?
- फोटो : LOHAGHAT
पिथौरागढ़। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक नाबार्ड के सहयोग से मेलडुंगरी गांव में दुग्ध उत्पादक महिला कृषकों को संगठित कर नारीशक्ति निधि स्वायत्त सहकारिता के नाम से किसान उत्पाद संगठन का गठन किया गया। इसका शुभारंभ करते हुए नाबार्ड के महाप्रबंधक भास्कर पंत ने कहा कि पूरे देश में किसान उत्पाद संगठन का गठन किया जा रहा है, ताकि किसान संगठित होकर अपने उत्पादों का विपणन कर सकें और उन्हें उत्पादों का सही मूल्य मिल सके। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक अमित पांडेय ने कहा कि नाबार्ड किसान उत्पाद संगठनों को वित्तीय एवं तकनीकी सहायता दे रहा है ताकी किसान उत्पाद संगठनों की क्षमता बढ़ सके। कार्यक्रम में निधि संस्था के निदेशक डॉ. सुनील पांडेय ने बताया कि संस्था की ओर से इस क्षेत्र में नाबार्ड के सहयोग से गठित स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं को संगठित कर दुग्ध एवं स्थानीय उत्पादों से संबंधित व्यवसाय के लिए किसान उत्पाद संगठन का गठन कर उत्तराखंड स्वायत्त सहकारिता के तहत पंजीकृत किया गया है। उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के प्रबंधक केएन शर्मा ने कहा कि बैंक इस संगठन को हरसंभव आर्थिक सहायता देगा। कार्यक्रम में महाप्रबंधक ने किसान उत्पाद संगठन की अध्यक्ष रेखा जोशी को पंजीकृत प्रमाणपत्र प्रदान किया। ग्राम प्रधान प्रकाश जोशी ने कहा कि इस तरह के प्रयास गांव की आर्थिकी को बदल सकते हैं। कार्यक्रम में उद्यमी जोगा सिंह, ममता पांडेय, मनमोहन बोरा, चंद्रकला आदि मौजूद रहे।
नाबार्ड के जीएम ने देखे परियोजना के कार्य
लोहाघाट (चंपावत)। नाबार्ड के महाप्रबंधक भास्कर पंत ने खेतीखान में जलवायु परिवर्तन अनुकूलन परियोजना के तहत किए गए कार्यों की गुणवत्ता पर संतोष जताया। निरीक्षण के बाद किसानों की समस्याएं सुनीं और किसान कल्याण की योजनाओं की जानकारी दी।
जीएम ने शुक्रवार को खेतीखान के गोशनी, मानर, नरसिंहडांडा में बाएफ डेवलपमेंट रिसर्च फाउंडेशन की ओर से संचालित जलवायु परिवर्तन अनुकूलन परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। बाएफ के प्रतिनिधि डॉ. दिनेश रतूड़ी ने यहां लगाए गए पॉलीहाउस, टपक सिंचाई, बरसाती टैंक, जल श्रोत संवर्धन कार्यक्रम, चारा विकास, पशु विकास आदि कार्यों की जानकारी दी। पंत ने बताया कि इस परियोजना के जरिये जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से अनुकूलन कर किसानों की आय में वृद्धि करने का लक्ष्य है। इससे पूर्व उन्होंने परियोजना कार्यालय खेतीखान के कामकाज का मुआयना किया। भ्रमण में नाबार्ड जिला प्रबंधक अमित पांडेय, पुष्कर सिंह बिष्ट, प्रताप रावत, देवेंद्र सिंह दुमागा, भुवन चंद्र आदि थे।