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हिमालय की उत्पत्ति के बारे में जाना

Sat, 17 Nov 2018 10:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ में साइंस आउटरीच कार्यक्रम में जानकारी देते वैज्ञानिक - फोटो : अमर उजाला
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बाखली बारात घर में चल रहे दो दिनी साइंस आउटरीच कार्यक्रम का शनिवार को समापन हो गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने खूबसूरत हिमालय की उत्पत्ति, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और मानव मस्तिष्क के बारे में जाना।

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बंगलूरू से आए प्रोफेसर विनोद कुमार गौड़ ने हिमालय की उत्पत्ति कैसे हुई, भूकंप कैसे आते हैं, क्या इस संसार में हिमालय ही सबसे ऊंचा है, पृथ्वी के अंदर के रहस्य, जैसी अन्य बहुत सारी जानकारियां विद्यार्थियों को दी। उन्होंने वैज्ञानिकों के अध्ययन करने के तरीके, कैसे विज्ञान ने तरक्की करते हुए संसार के रहस्यों से पर्दा हटाया है, इस बाबत भी बताया।

पंतनगर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर आनंद सिंह जीना ने जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता पर छात्रों के साथ चर्चा करते हुए जलवायु परिवर्तन से होने वाले दुष्प्रभावों से बचने की जानकारी दी। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य विज्ञान संस्थान बंगलूरू की प्रोफेसर प्रीति जोशी ने मानव मस्तिष्क की संरचना और उसकी कार्यप्रणाली के बारे में बताया।
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भू वैज्ञानिक प्रोफेसर केएस वल्दिया ने मेरा देश-मेरा गांव पर अपनी बात रखते हुए वैज्ञानिक सोच के साथ समाज के लिए सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा दी। प्रोफेसर गौड़ ने विवेकानंद विद्यामंदिर और एलडब्ल्यूएस बालिका इंटर कॉलेज जाकर विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति जागरूक किया। दो दिनी कार्यक्रम के अंतिम सत्र में विद्यार्थियों और देश भर से आए वैज्ञानिकों के बीच परस्पर संवाद हुआ, इसमें वैज्ञानिकों ने विद्यार्थियों की विभिन्न विषयों पर जिज्ञासाओं का समाधान किया।

कार्यक्रम का समापन जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक डॉ. अशोक कुमार गुसाईं ने किया। आयोजक हिमालयन ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट ने देश भर से आए वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों का आभार जताया। संचालन किशोर चंद्र पाटनी और दिनेश भट्ट ने किया।

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