गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)। कोरोना कर्फ्यू के कारण दुकानों के भीतर घौंसला बनाने वाली अबाबील (स्थानीय भाषा में गौताली) पर भी संकट आ गया है। कई दुकानदार अबाबील के बच्चों को बचाने के लिए पांच किमी की दौड़ लगाकर दुकानों का शटर खोलने पहुंच रहे हैं।
अबाबील ने क्षेत्र की कई दुकानों में घौंसले बनाए हैं। इन घौंसलों में ज्यादातर में अंडों से बच्चे निकल चुके हैं। अबाबील घौंसलों में बैठे बच्चों के लिए दिनभर कीड़े मकौड़े लाती हैं। इन दिनों कोरोना कर्फ्यू के कारण दुकान के शटर केवल दो, तीन घंटे के लिए खुल रहे हैं।
कुछ दुकानदारों ने अबाबील के आने जाने के लिए शटर में बड़ा सुराख किया है जबकि अधिकतर दुकानों के शटर में सुराख नहीं हैं। ऐसे में अबाबील पर भी संकट आ गया है। अबाबील के बच्चों को बचाने के लिए दुकानदारों को दो से पांच किमी दूर बाजार आकर शटर खोलने पड़ रहे हैं।
कोरोना कर्फ्यू के दौरान कार्रवाई का डर भी बना रहता है। हरीश मेहता, राजू उपाध्याय, गोविंद पंत, देवेंद्र मेहता, राजा बोरा, किशन सिंह सहित अन्य व्यापारियों का कहना है कि यदि दुकानों के शटर नहीं खोले गए तो भोजन न मिलने और गर्मी से सैकड़ों अबाबील के बच्चे घौंसलों में ही मर जाएंगे।