मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। कोविड के चलते उच्च हिमालयी क्षेत्र में माइग्रेशन के लिए नेपाल और चीन सीमा से लगे बुग्यालों में जाने वाले भेड़/बकरी पालकों को आईटीबीपी और एसएसबी ने जाने से रोक दिया है। इसके बाद धारचूला और मुनस्यारी के भेड़ पालकों को पिछले साल की तरह कोविड इनर लाइन पास देने की मांग उठने लगी है। तराई क्षेत्र से लौटे भेड़ पालक बेहद परेशान हैं।
जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने बताया कि कोविड के कारण आईटीबीपी और एसएसबी ने मंगलवार को चेक पोस्ट में सैकड़ों भेड़/बकरियों सहित भेड़ पालकों को बुग्यालों में जाने से रोक दिया गया। इससे तराई से लौटे भेड़ पालक परेशान हैं। उन्होंने कहा कि अगर वे माइग्रेट नहीं करेंगे तो एक ही जगह इतने भेड़/बकरियों को चारा नहीं हो पाएगा।
ऐसे में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मर्तोलिया ने कुमाऊं आयुक्त, डीएम, एसडीएम धारचूला, मुनस्यारी को पत्र भेजकर पिछले साल की तरह कोविड इनर लाइन पास जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के पास पिछले साल का डाटा बेस मौजूद है। उसे आधार मानकर इनर पास जारी किए जाएं।