धारचूला के नजंग में जान हथेली पर रख आवागमन करते लोग।
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व्यास घाटी को जोड़ने वाला मार्ग नजंग और मालपा के बीच में खतरनाक बना हुआ है। आपदा काल में उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों के लिए शुरू की गई हेलीकॉप्टर सेवा पिछले पांच दिनों से बंद है। लोग जान जोखिम में डालकर पैदल ही आवाजाही कर रहे हैं। व्यास घाटी के लोगों में गहरी नाराजगी है।
धारचूला के व्यास घाटी को जाने वाला मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। नजंग और मालपा के बीच में रास्ते की स्थिति बेहद खराब है। एक ओर चट्टान तो दूसरी ओर उफनती काली नदी इस खतरनाक मार्ग से आने-जाने वालों में भय पैदा कर देती है। व्यास घाटी में इस समय लोग माइग्रेशन पर गए हैं। इसके अलावा तमाम लोग पूजा सहित धार्मिक कार्यों के लिए भी आवागमन कर रहे हैं। इसको देखते हुए शासन ने हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की थी, लेकिन यह सेवा पिछले पांच दिनों से बंद है। ऐसे में लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।
रं कल्याण संस्था धारचूला इकाई के संरक्षक अशोक नबियाल और अध्यक्ष कृष्णा गर्ब्याल ने प्रशासन से हेलीकॉप्टर सेवा शीघ्र शुरू करने की मांग की है। एसडीएम एके शुक्ला के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि व्यास घाटी के गांवों में सितंबर माह के पहले सप्ताह से बढ़ानी उत्सव व्रतबंध के कार्यक्रम होने वाले हैं। इसकी तैयारी के लिए लोग अपने अपने गांव जाने लगे हैं। मार्ग बंद होने से महिला, बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी हो रही है।
- उत्तरकाशी में दो हेलीकॉप्टरों के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद यूकाडा ने उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर सेवा बंद की है। शासन से अनुमति मिलने पर ही पुन: हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की जाएगी। - अनिल कुमार शुक्ला, उपजिलाधिकारी धारचूला।