दीपक चंद्र कापड़ी
पिथौरागढ़। नगर में पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिए यूरोपियन इंडस्ट्रियल बैंक के सहयोग से 425 करोड़ रुपये की योजना बनेगी। बैंक के साथ योजना को धरातल पर उतारने के लिए शहरी विकास विभाग ने एमओयू साइन कर लिया है। अब तक सभी पेयजल योजनाओं से नगर में 11.25 एमएलडी पानी पहुंचता है लेकिन जरूरत 12.89 एमएलडी पानी की है। इस योजना के साकार होने के बाद नगर को 1.64 एमएलडी पानी अधिक मिलेगा।
जल संस्थान के मुताबिक नगर और इसके आसपास की एक लाख से अधिक की आबादी की प्यास बुझाने के लिए आंवलाघाट, ठूलीगाड़, रई और घाट पंपिंग योजनाएं संचालित हैं। इन सभी योजनाओं से नगर को जरूरत के 12.89 एमएलडी पानी के सापेक्ष 11.25 एमएलडी पानी ही मिल पा रहा है। पेयजल किल्लत के पीछे सबसे बड़ी वजह पानी स्टोर करने के लिए टैंकों का अभाव है।
योजना के तहत 4.8 एमएलडी क्षमता के 36 नए टैंक बनाए जाएंगे। इसके बाद नगर का डिस्ट्रीब्यूशन प्लान पूरी तरह बदला जाएगा। पुरानी लाइनों की जगह नई पेयजल लाइन बिछाई जाएंगी। यूरोपियन इंडस्ट्रियल बैंक के सहयोग से बनने वाली नई योजना के तहत जीआईसी में ओेवरहैड टैंक बनेगा। इसकी क्षमता अब तक बने टैंकों से कई गुना अधिक होगी। इसी टैंक से नगर के अधिकांश हिस्सों में जलापूर्ति होगी। नगर के डिस्ट्रीब्यूशन प्लान की शुरुआत भी इसी टैंक से होगी। संवाद
आंवलाघाट में लगेगा फिल्टर प्लांट, घाट पंपिंग योजना का होगा पुर्ननिर्माण
नगर के लोगों की प्यास बुझाने वाली सबसे बड़ी आंवलाघाट लिफ्ट योजना में अब तक फिल्टर प्लांट नहीं लग सका है। बारिश होते ही नदी में सिल्ट आने से इस योजना से गंदे पानी की आपूर्ति होती है। नई योजना के तहत आंवलाघाट में नया फिल्टर प्लांट स्थापित होगा जिससे लोगों को शुद्ध पानी की आपूर्ति होगी। वहीं करीब चार दशक पूर्व बनी घाट पंपिंग योजना का भी पुर्ननिर्माण किया जाएगा।
कोट
नगर के लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यूरोपियन इंडस्ट्रियल बैंक के सहयोग से नई पेयजल योजना का निर्माण किया जा रहा है। बैंक के साथ करार हो चुका है। निश्चित तौर पर इस योजना के बनने से नगर के लोगों को जल संकट से मुक्ति मिलेगी। - सुरेश जोशी, ईई, जल संस्थान, पिथौरागढ़