देवत गांव में दीवार तोड़कर घर के भीतर घुसा विशालकाय बोल्डर। स्रोत:ग्रामीण।
पिथौरागढ़। नैनीसैनी के देवत गांव में पहाड़ी से गिरे बोल्डर एक घर की दीवारों को तोड़ते हुए भीतर घुस गए। बोल्डर के नीचे दबने से बिस्तर पर सो रहे 11 साल के बच्चे की मौत हो गई जबकि उसकी मां सहित चार लोग घायल हो गए। इस घटना से क्षेत्र में शोक की लहर है। बालक अपने माता-पिता के साथ दिल्ली से यहां पूजा में शामिल होने अपनी ननिहाल आया था। घटना के समय देर रात मृतक के पिता और दोनों मामा रात में होने वाली पूजा के लिए घर से बाहर थे।
जानकारी के मुताबिक बीते सोमवार की देर रात करीब 1:30 देवत गांव के ऊपर पहाड़ी से अचानक बोल्डर गिरने शुरू हो गए। करीब 300 मीटर नीचे बसे गांव में एक साथ रहने वाले रघुवीर प्रसाद और नरेश प्रसाद के मकान की दीवारों को तोड़कर बोल्डर भीतर घुस गए। भाइयों की पूजा में शामिल होने मायके आई बहन भरतपुर (दिल्ली) निवासी शालिनी (40) पत्नी सुनील और उसका बेटा पूज्य कुमार (11) उर्फ प्रिंस भीतर सो रहे थे।
तेज रफ्तार के साथ घर की दीवार तोड़ते हुए बोल्डर भीतर घुस गए और उनके नीचे दबने से प्रिंस की मौके पर ही मौत हो गई। बोल्डर टकराते ही बिस्तर से नीचे छिटकने से शालिनी की जान बच गई। हालांकि उसे भी गंभीर चोटें आईं हैं। बगल में लगे बिस्तर पर सो रही उसके बड़े भाई रघुवीर की पत्नी सोनिया देवी, छोटे भाई की पत्नी गीता देवी और उसके जुड़वा बेटे सात वर्षीय सत्यम और शिवम भी घायल हो गए।
सूचना पर पुलिस, राजस्व और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और बालक के शव को बमुश्किल बोल्डरों के नीचे से निकाला। साथ ही चारों घायलों को अस्पताल भिजवाया। डॉक्टरों के मुताबिक चारों की हालत खतरे से बाहर है। मंगलवार सुबह सीओ गोविंद बल्लभ जोशी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। राजस्व विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है।