पिथौरागढ़। लंबे समय तक विवादों में रहा बेलतड़ी-क्वारबन सड़क पर पुल फिर से चर्चाओं में आ गया है। यहां पांच साल बाद भी पुल तो बना नहीं, अब इसके नाम पर भ्रष्टाचार का नया अध्याय जुड़ गया है। पुल का निर्माण किए बिना ही इसके नाम पर 96 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया है। इस भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा नेता भी सवाल उठा रहे हैं।
दरअसल बेतलड़ी, क्वारबन और धारीऐर क्षेत्र की 15 हजार की आबादी की आवाजाही सुगम बनाने के लिए वर्ष 2020 में आठ किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया। इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही के लिए क्वारबन गधेरे पर 3.78 करोड़ रुपये की लागत से 48 मीटर लंबे स्पान पुल का निर्माण होना था। सड़क तो बना दी गई लेकिन अब तक पुल न बनने से यह सड़क क्षेत्र के लोगों के काम नहीं आ रही है।
लंबे समय से क्षेत्र के लोग पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। इसके लिए कई बार आंदोलन भी हुए। लंबे समय से विवादों में रहा यह पुल फिर से चर्चाओं में है। जब कुछ दिन पूर्व ग्रामीण पुल निर्माण की मांग के लिए पीएमजीएसवाई के दफ्तर गए तो उन्हें यह जानकारी मिली कि बगैर पुल का निर्माण किए ही भुगतान कर दिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यहां पुल तो कहीं नजर नहीं आ रहा है लेकिन इसके निर्माण के नाम पर 96 लाख का विभाग ने भुगतान कर दिया गया। जब जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि बीते मार्च में पुल निर्माण के नाम पर यह धनराशि संबंधित ठेकेदार की ओर से निकाल ली गई है। मामले का खुलासा होने पर इस पर सवाल उठने शुरू हुए तो विभाग फैब्रिकेशन के नाम पर भुगतान करने की बात कर अपनी जिम्मेदारी पर पर्दा डाल रहा है।
48 मीटर लंबे पुल की जगह अब 60 मीटर की हो रही बात
अब 60 मीटर लंबे पुल का खाका तैयार हो रहा है। पहले पीएमजीएसवाई विभाग ने क्वारबन में 48 मीटर लंबे पुल की जरूरत बताते हुए इसकी स्वीकृति ली। विभाग इस पुल को तैयार करने के लिए फैब्रिकेशन यानी लोहे की खरीद की बात कर रहा है। हैरानी है कि जिस पुल को तैयार करने के नाम पर 96 लाख रुपये का एडवांस भुगतान कर दिया गया, अब यहां 60 मीटर लंबे पुल की जरूरत बताकर इसका प्रस्ताव तैयार हो रहा है।
कोट
क्वारबन सड़क पर बगैर पुल का निर्माण किए ही भुगतान करना भ्रष्टाचार है। इस मामले की जांच होनी चाहिए। प्रशासन और सरकार से इसकी जांच की मांग की जाएगी। इसमें शामिल जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी। - मथुरा दत्त जोशी, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा
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पूर्व में प्रस्तावित पुल की नाले के कटाव से लंबाई बढ़ गई है। अब यहां इससे अधिक लंबे पुल की जरूरत है इसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। पूर्व में पुल के फैब्रिकेशन के लिए भुगतान किया गया है। - दौलत चंद, एई, पीएमजीएसवाई, पिथौरागढ़