पिथौरागढ़/चंपातव। विजय दिवस पर मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों और रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों ने शहीद स्मारक में जाकर 1971 के युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को याद किया। आज ही के दिन भारत ने पाकिस्तान को बुरी तरह पराजित कर बांग्लादेश नाम से अलग स्वतंत्र देश बना दिया था।
अपर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक रोशन लाल शर्मा ने शहीद स्मारक पर पुष्प चढ़ाए। उन्होंने कहा कि 1971 की लड़ाई के समय भारतीय सेना ने अभूतपूर्व वीरता का प्रदर्शन किया था। नई पीढ़ी को देश के जांबाजों से प्रेरणा लेनी चाहिए। ले. कर्नल एसपी गुलेरिया ने 1971 की लड़ाई के समय के संस्मरण सुनाए। उन्होंने कहा कि दुनिया में इससे पहले ऐसी कोई लड़ाई नहीं हुई जिसमें दुश्मन की सेना के 93 हजार सैनिकों को बंधक बनाया गया हो। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई ने भारतीय सेना को दुनिया की नंबर वन सेना बना दिया। इस मौके पर कै. जगत सिंह सिरौला, सहायक जिला सैनिक पुनर्वास अधिकारी एनएस चुफाल, विक्रम महर, सुबेदार मेजर प्रह्लाद सिंह समेत तमाम लोग थे।
लोहाघाट में विजय दिवस पर सैनिक विश्राम गृह में देश के जाबांज शहीद सैनिकोें का भावपूर्ण स्मरण किया गया। मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी परितोष वर्मा, विशिष्ट अतिथि जिला सैनिक कल्याण अधिकारी विजय सिंह थापा ने अमर जवान ज्योति प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पूर्व सैनिक लीग के अध्यक्ष महादेव सुतेड़ी के संचालन में हुए कार्यक्रम में एसडीएम ने कहा कि 1971 के युद्ध में भारतीय सेना के आगे पाक सेना को घुटने टेकने पड़े थे। इस मौके पर कै. पीएस देव ने युद्ध के संस्मरण सुनाए और कर्नल थापा ने वीरांगनाओं व आश्रितों को सरकार द्वारा प्रदत्त सुविधाओं की जानकारी दी। एसडीएम, कर्नल थापा ने क्षेत्रीय विधायक पूरन फर्त्याल की ओर से वीर चक्र प्राप्त कै. कर्म सिंह सामंत, कै. मोहन सिंह, राम सिंह, कंपनी कमांडर दिवान सिंह, मोहन राम, पूरन चंद, ललित सिंह, बलवीर सिंह, कै. कल्याण सिंह, कै. टीका राम आदि को साल ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में हयात सिंह तड़ागी, कै. एनके पुनेठा ने भी विचार रखे।