अस्कोट (पिथौरागढ़)। टनकपुर-तवाघाट मार्ग पर खिरचना के पास सड़क चौड़ीकरण के दौरान मलबा आने से यातायात पूरे दस घंटे बंद रहा है। मंगलवार सुबह डीडीहाट, धारचूला, जौलजीबी, मदकोट आदि इलाकों से जिला मुख्यालय जाने वाले और जिला मुख्यालय से इन स्थानों को जाने वाले वाहन खिरचना में ही फंसे रह गए। वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी को भी सड़क खुलने तक खिरचना में तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। वह सुबह पिथौरागढ़ से धारचूला को निकल रहे थे।
सड़क चौड़ीकरण के दौरान निकला मलबा सोमवार की रात करीब एक बजे सड़क पर आ गिरा था। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने रात में मलबा हटाने का काम नहीं किया। मंगलवार सुबह आठ बजे से बीआरओ ने मलबा हटाने के लिए मजदूर और जेसीबी मशीन लगाई। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद सुबह 11 बजे यातायात सामान्य होने पर लोगों ने राहत महसूस की। बीआरओ के अवर अभियंता रवींद्र शाह ने बताया कि चौड़ीकरण के समय सारा मलबा नीचे गिरा पाना संभव नहीं होता। इस कारण अटका हुआ मलबा रात में खुद गिर जाता है।
वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी ने कहा कि बीआरओ की कार्यप्रणाली की जांच के लिए मुख्यमंत्री को लिखा जाएगा। साथ ही केंद्र सरकार से मांग की जाएगी कि बीआरओ ने अब तक सड़क पर कितनी राशि खर्च की है और अब तक कितना काम पूरा किया है, इसकी जांच की जाए।