पिथौरागढ़। भारत नेपाल का बटालियन स्तर का संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास सूर्य किरण-7 का समापन हो गया है। सेना के गरुड़ खंड द्वारा आयोजित 14 दिनों तक चले संयुक्त प्रशिक्षण के दौरान दोनों देशों की सेना ने तमाम तरह के अभ्यास किए।
भारत और नेपाल की सेनाओं के बीच परस्पर सामंजस्य बनाने, पहाड़ी, दुर्गम क्षेत्रों में जंगल युद्धकला और आतंकवादरोधी नीतियां बनाने के लिए आयोजित अभ्यास के दौरान महामारी के दौरान नियंत्रण और हवाई आपरेशन के पहलुओं पर दोनों देशों के सैन्य दलों को गहन जानकारी दी गई। संयुक्त अभ्यास को दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग के प्रत्यक्ष उदाहरण के रूप में देखा गया। सूर्य किरण अभ्यास की शृंखला प्लाटून स्तर से शुरू होकर बटालियन स्तर तक पहुंच गई है। बटालियन स्तर का प्रशिक्षण दोनों देशों के बीच दूसरी बार आयोजित किया गया है। संयुक्त अभ्यास का नेपाली सेना के मेजर जनरल हेमंता राज कन्वर, भारतीय सेना के लेफ्टीनेंट जनरल आरएन नायर एवीएसएम एमएम जीओसी उत्तर भारत क्षेत्र, मेजर जनरल अश्विन कुमार एमजीजीएस मध्य कमान ने निरीक्षण किया।
रविवार को समापन समारोह के दौरान मेजर जनरल अश्विनि कुमार एमजीजीएस मध्य कमान ने सूर्य किरण-7 के सफल आयोजन पर दोनों देशों के दलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संयुक्त अभ्यास के दौरान हमने जो आपसी तालमेल और सद्भाव हासिल किया है, वो दोनों देशों के सैन्य संबंधों को भविष्य में और मजबूत करेगा। एक दूसरे के संगठन संबंधी धारणा को समझने, आतंकवादरोधी आपरेशन की कार्यप्रणाली, आपदा प्रबंधन से संबंधित नीतियों और ज्ञान को साझा करने में मदद मिलेगी। सूर्य किरण-7 का समापन दोनों सेनाओं के बीच एक अंतिम संयुक्त अभ्यास के साथ किया गया। अभी तक हासिल किए गए प्रशिक्षण का स्तर और परस्पर समन्वयता का मूल्यांकन भी किया गया।