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45 दिन में 1100 किमी, 350 गांव, 35 नदियां, 16 बुग्यालों से गुजरेगा अभियान दल

Sun, 25 May 2014 05:35 AM IST
Pithoragarh
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पिथौरागढ़। अस्कोट-आराकोट अभियान दल के सदस्य शनिवार को पांगू के लिए रवाना हो गए हैं। रविवार सुबह पांगू से प्रख्यात पर्यावरणविद चंडी प्रसाद भट्ट इस अभियान दल को
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रवाना करेंगे। डेढ़ माह के अभियान के दौरान यह दल 1100 किलोमीटर का सफर तय करेगा। इस दौरान अभियान दल के सदस्य छह जिलों के 350 गांवों, 35 नदियों, 16 बुग्यालों, 20 भूकंप-भूस्खलन तथा बाढ़ प्रभावित घाटियों, 15 उजड़ती चट्टियों, चिपको आंदोलन के आठ क्षेत्रों, पांच जनजातीय क्षेत्रों, पांच तीर्थयात्रा मार्गों तथा भारत-तिब्बत को जोड़ने वाले तीन मार्गों तक पहुंचेंगे। शनिवार को पिथौरागढ़ में डा. ललित पंत, ललित खत्री समेत तमाम लोगों ने अभियान दल को शुभकामनाओं के साथ विदा किया।
अभियान के उद्देश्य के बारे में पद्मश्री डा. शेखर पाठक ने कहा कि इस दौरान यह अध्ययन किया जाएगा कि उत्तराखंड राज्य गठन के 14 साल बाद क्या यहां कोई सुशासन आ सका है या फिर राज्य नेता, नौकरशाहों और माफिया की लूट का ही शिकार हुआ है। पिछले चार दशकों में और राज्य बनने के 14 साल बाद उत्तराखंड का प्राकृतिक चेहरा, जंगल, खनन, बांध और सड़कों की क्या स्थिति है। अर्थव्यवस्था किस बिंदु पर है और सामाजिक, राजनैतिक चेतना में कितना इजाफा हुआ है। आर्थिक, सांस्कृतिक घुसपैठ कितनी बढ़ी है और पलायन का क्या स्वरूप सामने आ रहा है।
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गांव के हालात कितने बदले हैं और भ्रष्टाचार कितना फैल गया है। जंगल, शराब, सड़क, पानी, बिजली, चिकित्सा, महिला और बच्चों सहित पर्वतीय जनजीवन के अन्य पक्षों की स्थिति क्या है। आपदा ने यहां की प्रकृति को कितना ध्वस्त किया और नेतृत्व तथा प्रशासन कितना निकम्मा साबित हुआ। इन सारी बातों का अभियान के दौरान गहन अध्ययन किया जाएगा। डा. पाठक ने बताया कि 25 मई से दो जून तक अभियान दल के सदस्य पिथौरागढ़ जिले में रहेंगे।
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