पिथौरागढ़। जम्मू कश्मीर के राजौरी सेक्टर में आतंकियों का मुकाबला करते हुए आज ही के दिन 2003 में शहीद हुए हरीश चंद्र कापड़ी को पुण्यतिथि पर याद किया गया। शहादत से पहले कई आतंकियों को मौत के घाट उतारने वाले स्व. कापड़ी को बाद में सेना मेडल से भी नवाजा गया था।
जिला मुख्यालय से सटे दौला गांव में दस जुलाई 1979 को जन्मे हरीश चंद्र कापड़ी छह जुलाई 2000 को भारतीय सेना में सिपाही के तौर पर भर्ती हुए और 3 कुमाऊं रेजीमेंट का हिस्सा बन गए। 25 नवंबर 2003 को उनकी सेना की यूनिट राजौरी सेक्टर में गश्त पर थी। उसी दौरान आतंकियों ने टुकड़ी पर हमला कर दिया। यहां सिल्थाम में उनके स्मारक के पास सोमवार को आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती, सांसद प्रतिनिधि प्रकाश जोशी, विधायक प्रतिनिधि नरेंद्र सौन, शहीद की माता गोविंदी कापड़ी, पत्नी कंचन कापड़ी, भूपेश नगरकोटी, योगेेश नगरकोटी, हरविंदर सिंह, मनु कापड़ी, मनोज कापड़ी, मनोज बिष्ट, प्रकाश कापड़ी, भुवन भट्ट समेत अन्य लोग उपस्थित थे।