डीडीहाट (पिथौरागढ़)। प्रशासन की सजगता से बाल विवाह होने से बच गया। प्रशासन की टीम ने गांव पहुंचकर दूल्हे पक्ष से जानकारी हासिल की। दोनों पक्षों को थाने बुलाकर बालिग होने तक विवाह नहीं करने का शपथ पत्र भरवाया।
प्रशासन को खेतार कन्याल के एक नाबालिग लड़के का विवाह 11 मार्च को कानीधूरा की नाबालिग लड़की से होने की जानकारी मिली। तहसीलदार इंद्र बहादुर मल्ल के नेतृत्व में खेतार कन्याल पहुंची टीम दूल्हे के परिजनों को थाने ले आई। लड़की पक्ष के लोगों को भी थाने बुलाया गया। जानकारी हासिल करने पर लड़के की आयु 17 साल और लड़की की 16 साल निकली। इस पर तहसीलदार ने दोनों पक्षों से कहा कि नाबालिगों का विवाह करना दंडनीय अपराध है, वह लोग नाबालिगों की शादी नहीं करा सकते।
दोनों पक्षों ने जानकारी के अभाव में विवाह तय करने की बात कही। इस पर तहसीलदार की मौजूदगी में दोनों पक्षों से लड़का, लड़की के बालिग होने के बाद ही विवाह कराने का शपथ पत्र लिया गया। लड़का, लड़की इंटरमीडिएट में पढ़ते हैं। तहसीलदार ने कहा कि यदि दोनों पक्षों ने 18 साल की उम्र पूरी होने से पहले विवाह किया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पर निगरानी रखी जाएगी। इस दौरान थानाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार, उप निरीक्षक मोहन सिंह बोहरा आदि मौजूद थे।