पिथौरागढ़/चंपावत। उत्तराखंड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड मंगलवार से परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। इंटर हिंदी के पहले पेपर में पिथौरागढ़ जिले भर में 66 बच्चे अनुपस्थित रहे जबकि चंपावत में 21 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। बच्चों को चेकिंग के बाद परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। चेकिंग दल ने दूरस्थ परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी।
पिथौरागढ़ 85 परीक्षा केंद्रों में इंटरमीडिएट हिंदी की परीक्षा हुई। सीईओ अशोक कुमार जुकरिया और जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक हवलदार प्रसाद के नेतृत्व में सचल चेकिंग दस्ते ने दूरस्थ परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी। निरीक्षण के दौरान टीम ने इंटर कॉलेज सातशिलिंग, जीजीआईसी, जीआईसी बांस, दिग्तोली सहित कई अन्य परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसी भी परीक्षा केंद्र में कोई खामी नहीं देखी गई। सीईओ जुकरिया ने बताया कि इंटर हिंदी के पेपर के लिए 4580 बच्चे पंजीकृत थे। जिसके सापेक्ष 4514 बच्चे उपस्थित रहे और 66 बच्चे अनुपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि बुधवार आज हाई स्कूल हिंदी का पेपर होगा।
इधर चंपावत जिले में 37 केंद्रों में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। कड़ाके की ठंड के बीच 2348 परीक्षार्थियों ने इंटर हिंदी की परीक्षा दी। 21 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा के लिए 2369 बच्चे पंजीकृत थे। सीईओ मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि पहले दिन परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। सचल दलों ने जगह-जगह जाकर परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान कहीं भी नकल करते हुए कोई नहीं पकड़ा गया।
बोले बच्चे
पेपर अच्छा था, शिक्षकों ने जो पढ़ाया था वही आया था। हिंदी में अच्छे नंबर आने की उम्मीद है। ठंड के कारण थोड़ा दिक्कत हुई। - रोहित चुलकोटिया, पिथौरागढ़।
पेपर बहुत अच्छा आया था। सभी प्रश्नों के उत्तर दिए। शिक्षकों ने तैयारी कराने में काफी मदद की थी जिसका लाभ परीक्षा में मिला। - संजय कुमार, पिथौरागढ़।
पेपर काफी अच्छा आया था। वर्ष भर स्कूल में काफी अच्छी पढ़ाई हुई थी। अच्छे नंबर आने की उम्मीद है। - पूजा, पिथौरागढ़।
हिंदी के पेपर में सब पाठ्यक्रम से आया हुआ था। कुछ प्रश्न कठिन जरूर आए थे लेकिन उन्हें हल करने में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। - दीया, पिथौरागढ़।
पेपर काफी आसान आया था। पेपर मिलने से पहले काफी घबराहट थी लेकिन पेपर हाथ में आने के बाद बड़ा अच्छा लगा। - विकास मुरारी, चंपावत।
हिंदी प्रश्नपत्र को लेकर तैयारी पूरी थी। 90 फीसदी अंक आने की उम्मीद थी लेकिन ठंड के कारण लिखने में काफी परेशानी हुई। - सुमित सेठी, चंपावत।
हिंदी का प्रश्नपत्र बेहद आसान आया था। ठंड से बचाव के लिए अगर कक्षा में हीटर लगा होता तो लिखने में काफी आसानी होती। - रोहित जोशी, चंपावत।
ठंड ने हिंदी परीक्षा को लेकर सारा जोश ठंडा कर दिया। पढ़ाई तो अच्छे से की थी लेकिन परीक्षा कक्ष में ठंड ने काफी परेशान किया। कुछ प्रश्न हल भी नहीं हो पाए। - किशोर थ्वाल, चंपावत।