गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)। अगले साल फिर मिलने के वादे के साथ बनकोट शरदोत्सव संपन्न हो गया है। अंतिम दिन जय मां शारदा कला केंद्र पिथौरागढ़ के कलाकारों ने मंच पर झोड़ा, चांचरी के साथ ही कई गीतों की प्रस्तुति दी।
दल ने घुर-घुर उज्यालो है गो, चम-चम को घामा, गीत की प्रस्तुति देकर लोगों को गोपाल बाबू गोस्वामी की यादों में खोने को मजबूर कर दिया। दल ने नंदा सुनंदा तू दैण है जाए, लाली हो लाली हौशिया, पधानी लाली तीले धारू बोला समेत कई गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया। झोड़ा, चांचरी में लोग खूब झूमे।
केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा ने शरदोत्सव का समापन किया। उन्होंने कहा कि बनकोट के लोग संस्कृति के संरक्षण में अहम योगदान दे रहे हैं। दूरस्थ क्षेत्र में चार दिनी शरदोत्सव का आयोजन करना बड़ी बात है। विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रमुख ललित पाठक, गोकुल गंगोला ने आयोजन को संस्कृति संरक्षण में मददगार बताया। आयोजन समिति के अध्यक्ष रवींद्र बनकोटी, चंचल सिंह, राजेंद्र सिंह, उमेद सिंह ने सहयोग के लिए सभी का आभार जताया। कहा कि अगले साल शरदोत्सव का और भव्य आयोजन किया जाएगा।