अस्कोट (पिथौरागढ़)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नैनीताल सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने पंचेश्वर बांध प्रभावित क्षेत्र रणवां, चकद्वारी, खर्कतड़ी, आमतड़ी, बगड़ीगांव, ड्योड़ा, सुनखोली, पंतसेरा, नौलीसेरा, घिंघरानी, सिलौनी, स्यालतड़, चमतोली, तितरी, बगड़ीहाट, ज्योग्यूड़ा, हंसेश्वर आदि स्थानों का भ्रमण किया। उन्होंने पंचेश्वर बांध प्रभावितों से मुलाकात कर कहा कि बांध भारत और नेपाल के लिए वरदान साबित होगा।
कोश्यारी ने कहा बांध प्रभावितों की सभी समस्याओं का समाधान केंद्र सरकार करने जा रही है। बांध में मछली पालन और नाव चलाने का अधिकार स्थानीय लोगों को मिलेगा। सांसद कोश्यारी ने कहा कि पहले नेपाल बांध का विरोध कर रहा था लेकिन बांध के फायदे को देखते हुए वह भी बांध बनाने के पक्ष में आ गया।
उन्होंने लोगों को टिहरी बांध के बारे में बताते हुए कहा कि वहां के लोगों को दी गई सुविधा से वह खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावितों का विस्थापन कराने के साथ ही लोगों को आवश्यक सुविधाएं दी जाएंगी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रभावितों के हित में जो भी उचित होगा, उसका प्रावधान केंद्र सरकार से कराया जाएगा। इस दौरान उन्होंने लोगों की शंकाओं का समाधान भी किया।
द्वालीसेरा के प्रधान पद्म सिंह धामी, क्षेत्र पंचायत सदस्य धरम सिंह कन्याल, ड्योड़ा की मंजू देवी, घिंघरानी की निर्मला देवी, क्वीतड़ के मान सिंह, सिलौनी की माधवी देवी तीतरी की कंचना देवी बगड़ीहाट के राम सिंह बिष्ट ने कहा कि वह पंचेश्वर बांध के विरोध में नहीं हैं। उन्हें भवन बनाने के लिए उचित मुआवजा, 500 वर्ग मीटर की भूमि, प्रभावित परिवार के सदस्य को नौकरी और उत्तराखंड में ही विस्थापित किया जाए। इस दौरान भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष केदार जोशी, जिला उपाध्यक्ष गिरीश जोशी, ब्लॉक उपाध्यक्ष रमेश पांडे आदि मौजूद थे।
डूब क्षेत्र के लोगों की भावना से खिलवाड़ कर रहे कोश्यारी
पिथौरागढ़। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत ने पूर्व मुख्यमंत्री सांसद भगत सिंह कोश्यारी द्वारा पंचेश्वर बांध के समर्थन में किए जा रहे दौरे पर सवाल उठाते हुए कहा कि 134 गांवों को डुबोने वाली इस बांध परियोजना को प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी परियोजना कहना गलत है और यह डूब क्षेत्र की जनता की भावना के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि शायद कोश्यारी ने बांध निर्माण के बदले दी जाने वाली मुआवजे की राशि के ब्योरे को सही ढंग से पढ़ा नहीं है। उन्होंने कोश्यारी से जानना चाहा है कि डूब क्षेत्र के लोगों को जमीन के बदले जमीन कहां मिलेगी, विस्थापित होने वालों को सरकार कहां पर बसाएगी, भूमिहीन और मजदूरों के संबंध में सरकार की क्या योजना है। उन्होंने कहा कि कोश्यारी बांध से होने वाले फायदे तो गिना रहे हैं, लेकिन विस्थापित होने वालों के लिए सरकार की किसी योजना का खुलासा नहीं कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि बांध के फायदों का बखान करने से पहले उससे होने वाले नुकसान का आकलन करना चाहिए। भूकंप की दृष्टि से जोन पांच में आने वाले इस क्षेत्र में इतना बड़ा बांध बनाने के पीछे सरकार की मंशा क्या है, यह भी लोगों को समझाया जाना चाहिए।