धारचूला (पिथौरागढ़)। दारमा घाटी के दातूं गांव में 40 साल बाद मेला लगेगा। 20 अगस्त से तीन दिन तक लगने वाले मेले में आसपास के गांव के लोग जुटेंगे। दातूं गांव में इससे पहले 1977 में मेले का आयोजन हुआ था। अलबत्ता गांव के लोग गबला देवता की पूजा के लिए हर साल गांव मेें जुटते हैं। इस बार दातूं गांव सड़क मार्ग से जुड़ चुका है। तवाघाट से सोबला, दांतू होते हुए तिदांग तक सड़क बन चुकी है। अब तक गांव के लोग आवागमन की सुविधा न होने के कारण मेले का आयोजन नहीं कर पा रहे थे।
गांव के लोगों ने तय किया है कि 19 अगस्त की रात गबला ह्या देवता के मंदिर में विशेष पूजा होगी। गबला देवता को रं जनजाति के लोग गणेश के रूप में पूजते हैं। 20 अगस्त से दातूं गांव के मैदान में मेला लगेगा। मेले के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री को आमंत्रण दिया गया है। दातूं गांव के लोगों ने मेले के आयोजन के लिए प्रारंभिक बैठक कर ली है।
22 अगस्त तक चलने वाले मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल एवं व्यंजन प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। दातूं गांव के सभी प्रवासी लोगों को मेले के आयोजन की सूचना दे दी गई है। आयोजन समिति के सुंदर बोनाल ने बताया कि इस बार मेले को भव्य रूप दिया जाएगा।