पिथौरागढ़। उद्यान विभाग को कृषि विभाग में विलय करने की तैयारी का किसानों ने कड़ा विरोध किया है। यदि यह फैसला हुआ तो किसानों की परेशानी बढ़ जाएगी। सबसे बड़ी समस्या खाद, बीज, दवा आदि को प्राप्त करने में आएगी। कृषि विभाग यह सामग्री न्याय पंचायत केंद्रों में भेजेगा, जबकि उद्यान विभाग पहले से ही सचल केंद्रों के माध्यम से सामग्री का वितरण किया जा रहा है।
प्रगतिशील किसान एवं कृषि पंडित से सम्मानित इकबाल अहमद ने कहा कि पहाड़ पर ज्यादातर किसान कृषि के बजाय उद्यानों और बागवानी को बढ़ावा देने लगे हैं। पिछले दशक में उद्यान विभाग ने विकास की कई योजनाएं संचालित की और इसका लाभ किसानों को मिलने लगा।
उन्होंने कहा कि सरकार को इस फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए और किसानों के व्यापक हित में यह फैसला टाल देना चाहिए। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और उद्यान मंत्री को पत्र भेजा है। कहा है कि इस फैसले के खिलाफ किसान लंबी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
एकीकरण से पहले राय ली जाए
पिथौरागढ़। कुमाऊं मंडल विकास निगम कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी ने कहा कि सरकार कुमाऊं और गढ़वाल मंडल विकास निगम के एकीकरण का फैसला लेने वाली है। यह फैसला लेने से पहले दोनों निगमों के कर्मचारी संगठनों से राय ली जाए। उन्होंने कहा कि दोनों निगमों में कर्मचारियों के वेतन में भारी विसंगति है। संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की नीति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार कुछ कर्मचारियों के तो स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की तैयारी में है, जबकि कुछ को सेवा विस्तार देकर खुश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अब उग्र आंदोलन किया जाएगा।