पिथौरागढ़। 25 साल के लंबे इंतजार के बाद आठ अक्तूबर 2018 को पिथौरागढ़ की नैनीसैनी हवाई पट्टी से व्यावसायिक उड़ान का उद्घाटन हुआ था। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसका उद्घाटन किया था, लेकिन हवाई सेवा शुरू नहीं हुई। बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत हवाई मार्ग से पिथौरागढ़ में निकाय चुनाव प्रचार के लिए आ रहे हैं। ऐसे में सीएम को लोगों के इस सवाल का सामना भी करना पड़ सकता है।
पिथौरागढ़ की सामरिक महत्व की हवाई पट्टी वर्ष 1993 में बनकर तैयार हुई। तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री गुलाम नबी आजाद और यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने नैनीसैनी हवाई पट्टी का उद्घाटन किया था। कांग्रेस के पिछले शासनकाल में हवाई पट्टी के विस्तारीकरण के लिए धन मिला। हाल में हवाई पट्टी के विस्तारीकरण का काम पूरा हुआ और देहरादून और पंतनगर के लिए हवाई सेवा शुरू होने की घोषणा की गई। किराया भी तय कर दिया गया।
आठ अक्तूबर को गृह मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देहरादून में हवाई सेवा का उद्घाटन किया। उसी दिन देहरादून से 9 सीटर प्लेन से नैनीताल सांसद भगत सिंह कोश्यारी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट आदि नैनीसैनी हवाई पट्टी पहुंचे। इसके बाद भी यहां से नियमित हवाई सेवा का संचालन शुरू नहीं हुआ है। राज्य सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि डीजीसीए (डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन) से उड़ान का लाइसेंस नहीं मिला है।
निकाय चुनाव में अब इस मुद्दे ने सत्ताधारी दल को भी परेशान किया हुआ है। खुद वित्त मंत्री और स्थानीय विधायक प्रकाश पंत इस मामले में स्पष्टीकरण दे चुके हैं। अब बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत पिथौरागढ़ पहुंच रहे हैं। ऐसे में उन्हें भी इस सवाल का सामना करना पड़ सकता है।