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महिला, पुरुषों ने उरेडा के खिलाफ प्रदर्शन किया

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थल (पिथौरागढ़)। बरार माइक्रोहाइड्रिल परियोजना की नहर के रिसाव हो रहे नुकसान से भड़के बरड़ और चौनीपातल के महिला, पुरुषों ने शनिवार को उरेड़ा प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि नहर पिछले बारह साल से जगह-जगह लीक हो रही है। पानी के रिसाव से चौनीपातल के कुछ घरों में पानी घुस रहा है। बरड़ गांव में 600 नाली कृषि भूमि दलदल में तब्दील हो गई है। उनके खेतों में दिन रात-पानी जमा रहता है। खेत भूस्खलन की चपेट में आ गए हैं। कई लोगों ने खेती करनी भी छोड़ दी है।
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कहा कि वर्ष 1996 में जब परियोजना के लिए नहर का निर्माण किया जा रहा था, तब विभाग ने दोनों गांवों के जमीनदाता को मुआवजा देने की बात भी कही थी, लेकिन मुआवजा नहीं दिया गया। पिछले दो साल से यह परियोजना उरेडा के अधीन है। एक माह पहले नहर की मरम्मत की गई, लेकिन रिसाव अभी बंद नहीं हुआ है। इस समय परियोजना नहीं चल रही हैं, लेकिन विभाग ने नहर में पानी छोड़ रखा है।

कहा कि परियोजना को नहर के बजाय मोटे पाइपों से चलाने का सुझाव विभाग को दिया गया, लेकिन इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। प्रदर्शन में ग्राम प्रधान गीता देवी, हेमा चंद, रेखा देवी, रेनू देवी, ज्योति देवी, अनीता चंद, दीपा देवी, निर्मला देवी, गीता चंद, दीपक चंद, पूरन राम, जगदीश राम, विजय चंद, गणेश राम, रेणुका देवी शामिल थीं।
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