पिथौरागढ़। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़कर 6,694 काश्तकारों ने प्राकृतिक आपदाओं, कीटों और बीमारियों के कारण फसलों के नुकसान पर वित्तीय सुरक्षा का बीमा कराया है। इस योजना के तहत 3918 काश्तकारों ने खरीफ जबकि 2776 काश्तकारों ने रबी की फसल का बीमा कराया है। बीमा करने से फसलों को नुकसान पहुंचने पर किसानों को सहायता राशि मिलेगी।
2023-24 सत्र में 295 काश्तकारों को खरीफ, रबी के फसलों पर प्राकृतिक आपदाओं के कारण नुकसान हुआ था। वहीं 2024-25 सत्र में 479 काश्तकारों को खरीफ की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। विभाग ने काश्तकारों को बीमा योजना के तहत कम उपज और आपदा के नुकसान पर 12 लाख 24 हजार रुपये का मुआवजा दिया। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अप्रैल माह के अंत में राजस्व विभाग की ओर से रबी की फसलों के नुकसान का सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके बाद ही काश्तकारों को रबी की फसलों के नुकसान पर भूमि के हिसाब मुआवजा दिया जाएगा।
कोट
प्रतिवर्ष काश्तकार फसल बीमा योजना से जुड़ते हैं। काश्तकारों की ओर से फसलों के नुकसान, कम उपज होने पर विभाग में पंजीकरण करना आवश्यक है। इसके बाद ही विभाग फसलों का सर्वेक्षण कर फसलों के नुकसान की पुष्टि होने पर शासन स्तर से काश्तकारों के बैंक खातों में धनराशि भेजी जाती है। - अमरेंद्र चौधरी, मुख्य कृषि अधिकारी, पिथौरागढ़