बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। गणाई-बनकोट मार्ग पर क्वीधार के पास बृहस्पतिवार को हुई कार दुर्घटना में काल का शिकार बने युवक की पहचान बागेश्वर के बनेगांव के सूरज के रूप में हुई है। सोशल मीडिया पर फोटो देखकर सूरज की पत्नी आरती देवी ने शिनाख्त की।
शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव ले जाने के लिए परिजनों को एंबुलेंस तक नहीं मिल पाई। इससे नाराज परिजनों ने प्रदर्शन किया।
बृहस्पतिवार को गणाई-बनकोट मार्ग पर कार के खाई में गिरने से बनकोट निवासी शिक्षक धीरज कुमार बनकोटी सहित दो लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में काल का ग्रास बने दूसरे युवक की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। शुक्रवार को युवक की पहचान बागेश्वर के कांडा तहसील के बनेगांव निवासी 25 वर्षीय सूरज के रूप में हुई। वहीं, पोस्टमार्टम के बाद युवक के शव को ले जाने को लेकर भी खासा हंगामा हुआ। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से एंबुलेंस मांगी।
अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें बताया कि एंबुलेंस शिक्षक के शव को लेकर बनकोट गई है। उसके लौटने के बाद ही एंबुलेंस उपलब्ध होगी। इस पर परिजन भड़क गए और उन्होंने प्रदर्शन किया। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने ग्रामीणों को समझाया। कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष कैलाश चन्याल, मृतक की पत्नी आरती देवी, रमेश कुमार, विनोद राम, महेश राम, किशोर कुमार, संजय राम, फकीर राम आदि मौजूद थे।
लोगों ने चंदा कर जुटाए पैसे
बेड़ीनाग। सूरज कुमार बेरोजगार था और उसकी तीन साल की बेटी और पांच माह का बेटा है। सूरज के परिजनों की कमजोर माली हालत को देखते हुए युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष कैलाश चन्याल और ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार के लिए चंदा एकत्र किया।
- अस्पताल में एक ही एंबुलेंस है। वह भी अल्टो कार दुर्घटना में मारे गए धीरज कुमार के शव को लेकर बनकोट गई थी। अस्पताल प्रशासन पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराने के जो आरोप लगाए गए वह निराधार हैं।
- डा. सिद्धार्थ पाटनी, प्रभारी चिकित्साधिकारी।